मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करने मुंबई पहुंचे 30 हजार से ज्यादा किसानों की अधिकांश मांगें सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार कर ली हैं. इसके लिए उन्होंने किसानों को लिखित आश्वासन भी दिया है. सरकार के इस कदम से किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है. यह जानकारी राज्‍य सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद दी. इस मामले पर सीएम फडणवीस ने कहा कि इसपर आगे की प्रक्रिया की देखरेख मुख्य सचिव करेंगे.

किसानों का मोर्चा रविवार को ही मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गया था. किसानों की मुख्‍य मांगों में कर्ज माफी और फसलों के सही दाम शामिल है. सूत्रों के अनुसार सरकार ने कर्जमाफी की मांग मान ली है. सरकार किसानों के 1.5 लाख तक के कर्ज को माफ करेगी और इसकी मियाद जून 2017 की रखी है जो कि पहले जून 2016 रखी गई थी. सरकार के आश्‍वासन के बाद किसानों ने अब अपना प्रदर्शन वापस ले लिया है.

किसान नेता अजीत नवाले ने कहा कि हमारी प्रमुख मांगों में जून 2017 में घोषित हुए किसान कर्ज माफी को लागू करना है, जिससे किसान पूरी तरह से कर्जमुक्त हो सकें. किसान मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला था. एनडीए गठबंधन की शिवसेना की तरफ से आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने किसानों को संबोधित किया था. अभी किसान आजाद मैदान में हैं. यहां उनके लिए मुंबई नगरपालिका ने खास इंतजाम किये हैं. यहां पानी, टॉयलेट और एंबुलेंस का इंतजाम किया गया है, साथ ही आजाद मैदान के आसपास के सार्वजनिक शौचालयों को भी दो दिन तक मुफ्त सेवा देने का निर्देश दिया है. करीब 200 किमी पैदल चलकर आए किसानों के पैरों में भी छाले पड़ गए हैं. वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम उनकी मरहम पट्टी कर रही है.

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