चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई बैंच ने टिक टॉक वीडियो ऐप से प्रतिबंध हटा दिया है. कोर्ट ने टिक टॉक पर अश्लील वीडियो की भरमार होने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए 13 अप्रैल को अपने फैसले में केंद्र सरकार को आदेश जारी करते हुए कहा था कि टिक टॉक की डाउनलोडिंग पर पूरी तरह बैन लगाया जाए. कोर्ट के फैसले के बाद सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने अपने स्टोर से टिक टॉक की डाउनलोडिंग हटा दी थी. बुधवार को मामले पर हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध ही कोर्ट की चिंता का विषय है. टिक टॉक पर बैन लगने की खबर के बाद से सोशल मीडिया पर रिएक्शनंस की बाढ़ आ गई है.

कुछ लोग कह रहे हैं कि टाइमपास फिर से वापस आ गया. कुछ लोग कह रहे हैं कि मद्रास हाई कोर्ट को जज को कोई टिक टॉक वाले क्रिंजी वीडियो दिखाओ. एक ट्विटर यूजर लिखते हैं कि टिक टॉक से प्रतिबंध हटने के बाद से ऑल इंडिया पुरुष मुजरा मंच में खुशी की लहर दौड़ गई है.

टिक टॉक बैन होने से काफी संख्या में युवा थे नाराज
टिक टॉक पर बैन करने के मद्रास हाईकोर्ट के फैसले से काफी संख्या में युवाओं को झटका लगा था. उस दौरान सोशल मीडिया पर भी युवाओं ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रियाएं भी दी थी. कुछ युवाओं का कहना था कि टिक टॉक पर कोर्ट के बैन से वे खुश नहीं है क्योंकि इस ऐप के जरिए वे वीडियो बनाकर वे अपना टेलेंट दुनिया के सामने ला रहे थे, जिसका फायदा भी उन युवाओं को मिल रहा था.

युवाओं के साथ-साथ बूढ़े और बच्चे भी हैं टिक टॉक के फैन
टिक टॉक पर वीडियो बनाने की दिवानगी सिर्फ युवाओं में ही नहीं बल्कि बच्चों और बूढ़ों में काफी है. काफी लोग टिक टॉक के जरिए अपना वो टैलेंट बाहर लाने की कोशिश कर रहे हैं जो वे किसी वजह से जिंदगी में नहीं कर सके. वहीं काफी लोग सिर्फ मनोरंजन के लिए इस वीडियो ऐप का इस्तेमाल करते हैं.

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