नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव 2019 में अब ज्यादा समय नहीं बाकी है. राजनीतिक दलों ने वोटर्स को लुभाने की कोशिश शुरू भी कर दी है. चुनावी रैलियों का दौर भी अपनी रफ्तार पकड़ता जा रहा है. कुछ दिनों में चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव की तिथि की घोषणा करेगा. चुनाव में वोट कर अपने प्रतिनिधि को जीताना हर उस मतदाता का अधिकार है जिसकी उम्र 18 साल से ऊपर हो चुकी है. अगर आप इस दफा पहली बार वोट करने जा रहे हैं या अभी तक आपका नाम मतदाता की सूची में नहीं आया है तो इस आर्टिकल में आपके सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा.

1. कौन वोट कर सकता है?
भारतीय संविधान के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है, वोट देना उसका अधिकार है. इसके लिए आपको कोई नहीं रोक सकता है. किसी वोट देने से रोकना कानूनी जुर्म है. वोट देते समय आपके पास पहचान पत्र होना चाहिए. देश से बाहर रहने वाले भारतीय नागरिक भी अपना वोट पोस्ट के द्वारा भेज सकते हैं.

2. वोटर बनने के लिए कैसे करें आवेदन?
18 साल से अधिक आयु वाला व्यक्ति चुनाव आयोग की सेवा के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से खुद को रजिस्टर कर सकता है. खुद को मतदाता के तौर पर रजिस्टर करने के लिए नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल पर जाकर फॉर्म 6 भरना होगा.

3. मतदाता सूची में अपना नाम कैसे खोजें?
मतदाता सूची में अपना नाम ढूंढने के लिए आप नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल www.nvsp.in. पर जा सकते हैं. अथवा किसी भी निकट चुनाव आयोग दफ्तर में जाकर पता लगा सकते हैं.

4. मतदान के समय वोटर आईडी कार्ड के अलावा किसी दूसरे दस्तावेज का इस्तेमाल?
वोट देते समय चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित कई पहचान पत्र दिखाए जा सकते हैं. जिनमें पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य अथवा केंद्र सरकार की ओर से जारी आईडी, बैंक पासबुक, पैन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन डॉक्युमेंट, आधार कार्ड, श्रम मजदूर मंत्रालय की ओर से जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड और इलेक्ट्रिक मशीन से निकली वोटर स्लिप भी शामिल है.

5. पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल कौन कर सकता है?
अगर कोई शारीरिक रूप से वोट देने नहीं पहुंच सकता अथवा देश से बाहर रहता है, वह अपनी पोस्ट के जरिए भेज सकता है. काउंटिंग के समय इस सभी वोटों को भी गिना जाता है. इनमें सैन्य बल के लोग भी शामिल हैं जिनकी मतदान के समय दूसरे राज्यों में ड्यूटी लगी होती है.

6. क्या है EVM
देश में पहले बैलेट पेपर से चुनाव आयोजित कराया जाता था. लेकिन 1982 केरला चुनाव के 50 पोलिंग स्टेशन में इस्तेमाल होने के बाद धीरे- धीरे चुनाव ईवीएम से कराए जाने लगे.

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