मुंबई: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों के एलान के साथ ही महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई है. राज्य में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ रही है वहीं कांग्रेस-एनसीपी के साथ गठबंधन कर बीजेपी और शिवसेना से दोनों से दो-दो हाथ करने को तैयार है. कांग्रेस की चुनावी रणनीति को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण से इंडिया न्यूज के पॉलीटिकल एडिटर मनीष अवस्थी ने खास बात की. जनसंघर्ष यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अशोक चव्हाण ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में करीब 6500 किलोमीटर की यात्रा की और इस दौरान महाराष्ट्र के हर जिले में जाकर हमने लोगों से बात करके ये जानने की कोशिश की कि लोगों का वर्तमान सरकार के बारे में क्या कहना है और लोग क्या चाहते हैं?

शरद पवार के चुनाव ना लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेता को समय मिलना चाहिए ताकि वो पूरे देश में घूम सकें और शरद पवार राष्ट्रीय नेता हैं, जहां से वो चुनाव लड़ने की इच्छा रखते थे लेकिन पार्टी के अंदर कुछ आंतरिक विचारों के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया. इसके अलावा उनके ऊपर जिम्मेदारी ज्यादा है तो वो एक जिले तक सीमित नहीं हो सकते.

कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के फायदे को लेकर अशोक चव्हाण ने कहा कि पिछले चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 31% वोट मिले थे जबकि 70 फीसदी वोट उनके खिलाफ पड़े थे. हमें नुकसान इसलिए हुआ क्योंकि वो 70 फीसदी वोट अलग-अलग पड़े जिसकी वजह से बीजेपी को कामयाबी मिली. अगर वोट एक साथ हमें पड़ते तो रिजल्ट कुछ और होता.

शिवसेना-बीजेपी के गठबंधन पर अशोक चव्हाण ने कहा कि इस गठबंधन को लोग बहुत गंभीरता से लेते नहीं हैं. पांच साल दोनों एक दूसरे की आलोचना करते रहे थे और फिर गठबंधन कर लिया. ये राजनीति का अवसरवाद है जो बाहर कुछ करते हैं लेकिन अंदर से दोनों मिले हुए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को शिवसेना की जरूरत नहीं है लेकिन शिवसेना को अपने अस्तित्व के लिए बीजेपी की जरूरत है.

राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस से गठबंधन के सवाल पर अशोक चव्हाण ने कहा कि उनकी पार्टी और हमारी पार्टी के काम करने का तरीका अलग है जो हमारी पार्टी को पसंद नहीं है इसलिए गठबंधन जैसी कोई बात नहीं है.

प्रियंका गांधी के राजनीति में उतरने के सवाल पर अशोक चव्हाण ने कहा कि प्रियंका गांधी का व्यक्तित्व करिश्माई है. उनका काम करने का जो तरीका है उसमें लोग इंदिरा गांधी कि छवि देखते हैं. उनके आने से नई पीढ़ी तो उनसे जुड़ेगी ही लेकिन पुराने लोग भी जुड़ेंगे. हालांकि उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के लिए काम बहुत चुनौतीपूर्ण है लेकिन वो उसे पूरा करेंगी.

महागठबंधन के नेता को लेकर अशोक चव्हाण ने कहा कि बहुत सारी पार्टियां महागठबंधन का हिस्सा है और तय हुआ है कि चुनाव के बाद तय किया जाएगा कि महागठबंधन का चेहरा कौन होगा लिहाजा ये बाद की बात है कि महागठबंधन का चेहरा कौन होगा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किसी को झूठे सपने नहीं दिखाते.

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