नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वासियों का ही इलाज होगा. दिल्ली के राज्यपाल अनिल बैजल ने आज आम आदमी पार्टी सरकार के फैसले को पलट दिया है. बीजेपी लगातार आप सरकार के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठा रही थी.

दिल्ली के राज्यपाल ने प्रशासन से सुनिश्चित करने के लिए कहा है कोरोना संक्रमित हर मरीज को इलाज मिलना चाहिए चाहे वो दिल्ली का हो या नहीं. दिल्ली सरकार ने दो दिन पहले एलान किया था कि दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में सिर्फ उन मरीजों का इलाज होगा जो दिल्ली के निवासी होंगे. ये फैसला एक रिपोर्ट के आधार पर किया गया था जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के अस्पताल बाकी राज्यों के मरीजों के लिए खोल दिए जाएं तो सिर्फ तीन दिन में दिल्ली के अस्पतालों के सभी बेड भर जाएंगे.

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने दिल्ली के अस्पतालों को सिर्फ दिल्ली वालों के लिए आरक्षित करने और केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों को सभी मरीजों के लिए रखने का आदेश जारी किया था जिसे एलजी ने पलट दिया है. दिलचस्प बात ये है कि राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया है जो कोरोना संक्रमित मरीजों से अनाप-शनाप पैसे ले रहे हैं.

जिसका अपना कोरोना संक्रमित हो गया है वो अपने आपको बेचकर भी अपनों को बचा रहा है. लोग प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्राइवेट अस्पतालों को इस बाबत फटकार भी लगाई थी लेकिन इंडियन मेडिकल एसोसिशएन ने बयान जारी आप सरकार के फैसले की निंदा की. इस पूरे मामले में केंद्र सरकार ने चुप्पी साध रखी है.

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