Tuesday, November 29, 2022

लाल बहादुर शास्त्री जी के कहने पर लाखों लोगों ने छोड़ दिया था एक वक्त का खाना

नई दिल्ली: 2 अक्टूबर को हर साल लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय जिले में हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री 1964 में भारत के प्रधानमंत्री बने थे। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान देश का नेतृत्व किया था। लेकिन क्या आप जानते है एक समय ऐसा था जब शास्त्री जी ने जनता से एक वक्त का खाना न खाने की अपील की थी। आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण।

क्या थी वजह?

दरअसल, “अमेरिका राष्ट्रपति लिंडन जॉन्सन ने शास्त्री जी को धमकी दी थी। ये धमकी उन्होंने 1965 की लड़ाई के दौरान दी थी। उन्होंने कहा था, अगर भारत , पाकिस्तान के ख़िलाफ़ लड़ाई ख़त्म नहीं करेगा तो हम पीएल 480 के तहत जो लाल गेहूँ भेजते हैं, उसे भेजना बंद कर देंगे। बता दें, उस समय भारत गेहूँ के उत्पादन में अमेरिका पर निर्भर था। लेकिन शास्त्री जी डरने वालों में से कहा थे वो तो स्वाभिमानी व्यक्ति थे। फिर उन्होंने ऐसा फैसला लिया जिससे पूरा देश उनकी वाह वाही करने लगा।

पत्नी से पूछा

जब अमेरिका के राष्ट्रपिता ने लाल बहादुर शास्त्री जी को धमकी दी तो उन्होंने देशवासियों से कहा कि हम हफ़्ते में एक वक्त का भोजन नहीं करेंगे। उसकी वजह से अमेरिका से आने वाले गेहूँ की आपूर्ति हो जाएगी। लेकिन लोगों से अपील करने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी ललिता शास्त्री से कहा कि क्या आप ऐसा कर सकती हैं कि आज शाम हमारे यहाँ खाना न बने। दरअसल मैं कल देशवासियों से एक वक्त का खाना न खाने की अपील करने जा रहा हूँ।”उन्होंने देशवासियों से कहा कि हम हफ़्ते में एक वक्त भोजन त्याग देंगे। उसकी वजह से अमेरिका से आने वाले गेहूँ की आपूर्ति होगी।

शास्त्री जी जनता से ये अपील करने से पहले इसकी शुरुआत अपने परिवार से करना चाहते थे। शास्त्री जी कहते हैं, “मैं अपनों बच्चों को देखना चाहता हूँ वो एक समय बिना खाए रह सकते हैं या नहीं। जब उन्होंने देखा कि हम लोग एक समय बिना खाए रह सकते हैं तो उन्होंने देशवासियों से ऐसा करने की अपील की।

 

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