नई दिल्ली। राशन कार्ड धारकों के लिए एक खास खबर है. मुफ्त में राशन कार्ड पर प्रति माह दो बार मिलने वाला गेहूं चार महीनों तक नहीं मिलेगा. यानी जून से सितंबर तक लोग राशन कार्ड पर मुफ्त गेहूं नहीं ले पाएंगे. इसका कारण भी जान लें. इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद धीमी हो रही है. ऐसे में रोटी का संकट खड़ा होना तय है.

प्रतिमाह मिलेगा पांच किलो चावल

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रतापगढ़ जिले के छह लाख कार्डधारकों को अब गेहूं नहीं मिलेगा. गेहूं की खरीद न होने के कारण भारत सरकार ने कार्डधारकों को गेहूं की जगह चावल देने का फैसला किया है. अब उन्हें सीधे प्रति यूनिट 5 किलो चावल मिलेगा. प्रतापगढ़ जिले में गेहूं खरीद के लिए 44 केंद्र खोले गए हैं. इस बार खरीदारी काफी धीमी है. 37 दिनों में करीब दो हजार मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हुई है.

कार्डधारकों को सरकार से महीने में दो बार राशन मिलता है. इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत महीने के पहले सप्ताह के बाद और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत महीने की 15 तारीख के बाद राशन का वितरण किया जाता है.

बाद में पीएमजीकेवाई के तहत मिलेगा गेहूं

पीएमजीकेवाई के तहत जिले में हर महीने 80 हजार क्विंटल गेहूं का वितरण किया जाता था, लेकिन इस बार गेहूं की कम खरीद के कारण शासन स्तर से इसका आवंटन रोक दिया गया है. बाकी खाद्य पदार्थ जैसे तेल आदि उपलब्ध रहेंगे, यानी जून से सितंबर तक गेहूं नहीं मिलेगा. इसके बाद पीएमजीकेवाई में दोबारा गेहूं मिलेगा.

नमक नहीं मिलने से वितरण पर रोक

मंडी के गोदामों में नमक नहीं होने से कोटदार राशन नहीं बांट रहे हैं. खासकर शहर की कई दुकानों पर कार्डधारक राशन लेने पहुंच जाते हैं, लेकिन कोटेदार नमक नहीं उठा रहे हैं, यह कहकर उन्हें लौटा रहे हैं. यह भी बताया जा रहा है कि अब तक राशन नहीं उठाया गया है. क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एसके पांडेय ने बताया कि कोटेदार नमक आने के बाद ही कोटेदार वितरण करेंगे.

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