नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए गए भाजपा के वरिष्ठ नेता और दो बार के सांसद कौशल किशोर को अनुसूचित जातियों में गहरी पैठ रखने वाला नेता माना जाता है। दो बार के सांसद कौशल किशोर उत्तर प्रदेश की मोहनलालगंज सीट से सांसद हैं और वह पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

जीवन में बेहद संघर्ष करके इस मुकाम पर पहुंचे किशोर को अनुसूचित जातियों में गहरी पैठ रखने वाला नेता माना जाता है और उनकी गिनती सामाजिक न्याय के मुद्दों पर आवाज बुलंद करने वाले नेताओं में होती है।

हाल ही में उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार के कोरोना प्रबंधन को लेकर सवाल उठाया था। कौशल किशोर इसी साल अप्रैल में कोरोना की वजह से अपने भाई को खो दिया था। इसके बाद उन्होंने सीएम योगी को चिट्ठी लिखकर दो सरकारी अस्पतालों में कुप्रंबधन पर सवाल खड़े किए थे। 

कौशल किशोर हाल ही में उनके बेटे आयुष और बहू अंकिता को लेकर विवादों में थे। दरअसल, कौशल किशोर के बेटे ने आरोप लगाया था कि लखनऊ में कुछ लोगों ने उनपर हमला कर दिया है। हालांकि, पुलिस ने इन दावों को गल बताया था।

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