नई दिल्ली : कृषि कानूनों के खिलाफ राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. इस बीच प्रदर्शकारी किसानों ने 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सद्भावना दिवस मनाने का एलान किया है. इस दौरान सभी किसान उपवास भी रखने वाले हैं. बता दें कि किसान नेताओं ने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सुबह 9बजे से शाम 5 बजे तक उपवास रखा जाएगा. उन्होंने देश के लोगों से किसानों के साथ जुड़ने की अपील भी की है.

केंद्र के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा के किसान दो महीने से भी ज्यादा समय से दिल्ली के अलग-अलग सीमाओं पर धरना दिए बैठे हैं. गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसानों की मुश्किलें जरूर बढ़ गई थीं, लेकिन किसान नेता राकेश टिकैट के आंसूओं के बाद एक बार फिर किसान आंदोलन में जोश दिखाई दे रहा है और कई हजार किसान टिकैट के समर्थन में दोबारा दिल्ली कूच कर चुके हैं.

बता दें कि किसान संगठनों ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा के किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लामबंद करना शुरू कर दिया है. वहीं, शिरोमणि अकाली दल और इनेलो जैसे राजनीतिक दलों ने भी किसानों का साथ देने की घोषणा की है. किसान नेताओं ने दावा किया कि जींद, हिसार, भिवानी और रोहतक सहित हरियाणा के कई हिस्सों से किसानों ने केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली की सीमाओं की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है. वहीं भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के समर्थक शुक्रवार को दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे पर फिर से एकत्र होने लगे और वहां किसानों की भीड़ बढ़ने लगी है.

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