नई दिल्ली : कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे पिछले दो महीनों से किसान आंदोलन ने एक बार फिर हुंकार भर ली है. आज से हरियाणा के जींद जिले में किसानों की महापंचायत शुरू हो गई है. किसानों की इस महापंचायत के दौरान जिले के कंडेला गांव में हजारों की भीड़ जुटी है. इस महपंचायत में हिस्सा लेने दूर दूर के किसान और महिलाओं ने भी भाग लिया है. वहीं अब महापंचायत ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए साफ कह दिया है कि तीनों कृषि कानूनों को सरकार वापस ले और गिरफ्तार लोगों को जल्द से जल्द रिहा करे.

दरअसल, बुधवार को किसान नेता राकेश टिकैत जींद की महापंचायत में पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि ‘हमने अभी सरकार से बिल वापस की बात कही है, अगर हमने गद्दी वापसी की बात कर दी तो सरकार का क्या होगा? अभी समय है सरकार संभल जाए.’ साथ ही इस महापंचायत में किसानों ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की है. इसके अलावा लापता किसानों का पता लगाने और किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग भी की है.

बता दें कि जींद जिले ने किसान आंदोलन में नए सिरे से जान फूंकी है. आज हरियाणा के जींद में किसान आंदोलन को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. इस महापंचायत में राकेश टिकैट समित कई नेता शामिल हुए हैं. करीब दो दशक पहले हरियाणा में किसानों का आंदोलन चलाने वाली कंडेला खाप ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को अपना समर्थन दिया है. दूसरी खाप ने भी आंदोलन का समर्थन किया है. टेकराम कंडेला ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कृषि कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की मांग की जाएगी.

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