नई दिल्लीः चर्च के पादरियों द्वारा रेप के बढ़ते मामलों से सुप्रीम कोर्ट स्तब्ध है. कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह एक खतरनाक चलन है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामले सामने आने से हम हैरान हैं. कोर्ट ने कहा कि कानून सबके लिए समान है और कोई भी आरोपी मुकदमे से नहीं बच सकता. कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपियों को मुकदमें का सामना करना पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट एक ऐसे मामले में सुनवाई कर रहा था जिसमें पादरी आरोपों को रद्द करने  की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट आए थे.
यह मामला केरल के एक चर्च का है, जहां पर चर्च के पादरी के दोस्त पर एक नाबालिग लड़की के बलात्कार का आरोप है. इस नाबालिग लड़की ने बलात्कार के बाद एक बच्चे को जन्म दिया है. आरोपी पादरी का दोस्त खुद एक पादरी है और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी का सदस्य है. यह आरोपी, आरोप को रद्द करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बहुत ही खतरनाक ट्रेंड है और ऐसे किसी भी मामले में आरोपियों को माफ नहीं किया जा सकता. ऐसे सभी मामलों में आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह खतरनाक और परेशान करने वाला ट्रेंड है कि ऐसे सभी ंमामले केरल से आ रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि हम स्तब्ध हैं.
आपको बता दें कि केरल के कोट्टायम जिले में स्थित मलंकारा ऑर्थोडक्स चर्च में एक नाबालिग लड़की कन्फेशन के लिए गई थी. इस दौरान पादरियों ने लड़की के कन्फेशन को सुन लिया और फिर उसे ब्लैकमैल करते हुए उसका यौन शौषण किया. 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App