श्रीनगर: कश्मीर में पिछले साल उप-चुनाव के दौरान पत्थरबाज को गाड़ी के बोनट पर बांधकर चुनाव अधिकारियों को पत्थरबाजों से बचाने वाले भारतीय सेना के मेजर लीतुल गोगोई से होटल में एक लड़की मिलने आई और विवाद ऐसा हुआ कि सबको पुलिस थाने ले आई. कश्मीर पुलिस ने गोगोई को डल इलाके के होटल ग्रांड ममता से हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद सेना के हवाले कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होटल में मेजर गोगोई ने 23 मई से 24 मई तक के लिए दो लोगों के लिए एक कमरा बुक किया था लेकिन कमरे में वो अकेले थे.

उन्होंने बुकिंग में बताया था कि वो एक बिजनेस के सिलसिले में आ रहे हैं इसलिए वो पेमेंट के लिए अपना बिजनेस कार्ड इस्तेमाल करेंगे. बुधवार की सुबह पुलिस को होटल ने फोन कर बताया कि उनके होटल में एक युवक और एक युवती हंगामा कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मेजर गोगोई के कमरे में नहीं जाने दिया जा रहा है. पुलिस पहुंची तो पता चला कि 19 साल की एक लड़की और बडगाम निवासी शमीर अहमद नाम का युवक होटल के कमरे में गोगोई से मिलना चाहते थे. लेकिन होटल ने इजाजत नहीं दी तो हंगामा हो गया. पुलिस युवक-युवती के साथ मेजर गोगोई को भी थाने ले आई. गोगोई को बयान लेकर पुलिस ने सेना के हवाले कर दिया है जबकि युवक और युवती का बयान दर्ज करके आगे की जांच चल रही है. कश्मीर के आईजी एसपी सैनी ने श्रीनगर नॉर्थ के एसपी को जांच का आदेश दिया है.

मेजर नितिन लीतुल गोगोई पिछले साल इलेक्शन ड्यूटी के दौरान इलेक्शन पार्टी को पत्थरबाजों से बचाकर निकालने के लिए फारूख अहमद डार नाम के कश्मीरी युवक को सेना की जीप के बोनट से बांधकर गाड़ी चलाई थी. सेना ने मेजर गोगोई के इस कदम की तारीफ की थी और सेना प्रमुख का प्रशस्ति पत्र भी उनको मिला. मानवाधिकार संगठनों ने इसके लिए मेजर गोगोई की निंदा की थी. मूल रूप से असम के नामरूप के रहने वाले मेजर गोगोई 53 राष्ट्रीय राइफल्स के अधिकारी हैं.

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