वाराणसी, वाराणसी के काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी समेत कई विग्रहों के सर्वे को लेकर हंगामा छिड़ा हुआ है. जब से सर्वे की कार्रवाई शुरू हुई है, तब से ही मुस्लिम पक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहा है. इस कार्रवाई को जहां AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कानून का उल्लंघन करने वाला करार किया. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट कमिश्नर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है.

दूसरे दिन भी नहीं हुआ सर्वे

दूसरी तरफ, ज्ञानवापी मस्जिद में आज दूसरे दिन भी सर्वे नहीं हो सका है. हिंदू पक्ष के वकीलों का दल सर्वे के लिए मौके पर पहुंचा था लेकिन उसे अंदर जाने से ही रोक दिया गया, इसके बाद हिंदू पक्ष के वकील काशी विश्वनाथ धाम परिसर से ही वापस हो गए. इससे पहले ये जानकारी सामने आ रही थी कि सर्वे शुरू हो गया है, कहा ये भी जा रहा था कि हरिशंकर जैन और विष्णु जैन ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में दाखिल हो गए हैं और उन्होंने सर्वे शुरू कर दिया है. उनके साथ वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर भी मस्जिद परिसर मे पहुँच गए हैं. अब ये जानकारी सामने आ रही है कि सर्वे के लिए टीम को मस्जिद में प्रवेश ही नहीं करने दिया गया, उन्हें बाहर ही रोक दिया गया.

गौरतलब है मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट कमिश्नर पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं, और उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं. शनिवार को प्रतिवादी अंजुमन इंतजामियां मस्जिद कमेटी की ओर से कोर्ट कमिश्नर को हटाने की मांग करने वाला प्रार्थना पत्र सिविल जज सीनियर डिविजन के कोर्ट में पेश किया गया. मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि कोर्ट कमिश्नर की ओर से इस मामले में पक्षपात किया जा रहा है.

 

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