नई दिल्ली. लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या के मामले में गुजरात एटीएस ने दोनों हत्यारों को राजस्थान बॉर्डर के पास शामलाजी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए दोनों हत्या आरोपियों का नाम अशफाक हुसैन (34) और मोईनउद्दीन खुर्शीद पठान (27) है. दोनों हत्यारों को राजस्थान- गुजरात बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. इस तरह से यह मर्डर मिस्ट्री महज चार दिनों के रिकॉर्ड टाइम में सॉल्व कर ली गई है. हालांकि कमलेश तिवारी का परिवार, उनकी मां कुसुमा तिवारी अभी भी असंतुष्ट हैं और उनके हिसाब से हत्यारा भी कोई और है. 

बता दें कि 18 अक्टूबर को लखनऊ के खुर्शिदाबाद में कमलेश तिवारी के घर पर भगवा कपड़े पहनकर आए हत्यारों ने उनकी हत्या कर दी थी. कमलेश तिवारी ने कुछ सालों पहले हजरत मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी जिसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं. इसके बाद पहले अखिलेश यादव की सरकार में उन्हें सुरक्षा दी गई. इसके बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार में भी सुरक्षा बरकरार रही. उनकी सुरक्षा कुछ कम जरूर कर दी गई जिसके बाद कमलेश तिवारी ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर काफी तीखे आरोप भी लगाए थे.

कमलेश तिवारी की मर्डर मिस्ट्री पुलिस के मुताबिक भले सुलझ गई हो लेकिन उनका परिवार इससे असंतुष्ट है. कमलेश तिवारी की मां कुसुमा तिवारी ने मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कमलेश तिवारी की हत्या के लिए स्थानीय बीजेपी नेता शिवपाल गुप्ता को दोषी ठहराया है. इसके अलावा उनकी मां ने बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के बारे में भी काफी कुछ कहा जिसे आप नीचे वीडियो में देख सकते हैं.

क्या हैं कमलेश तिवारी की मां के आरोप
कमलेश तिवारी की मां कुसुमा देवी खुलकर बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कई कड़े बयान दे चुकी हैं. उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि कमलेश तिवारी की सुरक्षा जानबूझकर कम कर दी गई. उन्होंने स्थानीय बीजेपी नेता शिवपाल गुप्ता पर मंदिर हड़पने और कमलेश तिवारी की हत्या कराने का आरोप लगाया है. उन्होंने एक टीवी एंकर को उस वक्त डांट भी दिया था जब वह कमलेश तिवारी की हत्या पर हिंदू-मुस्लिम करने लगा.

कमलेश तिवारी की मां का कहना है कि पांच साल पुरानी बात के लिए उनके बेटे का मर्डर नहीं हुआ है बल्कि यह आपसी रंजिश का मामला है. कमलेश तिवारी की मां ने मंगलवार को ही आरोप लगाए कि पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद किया हुआ है. किसी को घर में नहीं आने दिया जा रहा. कमलेश तिवारी की अंत्योष्टी इतनी जल्दी में क्यों हुई इस पर भी परिवार ने सवाल उठाए हैं. 

क्या कहती है यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस

कमलेश तिवारी की मर्डर की कहानी पुलिस के मुताबिक इतनी सी है कि कुछ साल पहले मोहम्मद साहब पर उनके विवादित बयान के बाद से ही मुस्लिम कट्टरपंथी उनकी हत्या करना चाहते थे. ऐसे में 18 अक्टूबर को दिन दहाड़े ये हत्यारे पहले कमलेश तिवारी से अप्वाइंटमेंट लेते हैं. उसके बाद आधे घंटे तक उनके घर में बैठते हैं. मिठाई के डब्बे में छुपाकर लाए हथियार से कमलेश तिवारी का गला रेतकर उनकी हत्या कर देते हैं. 

इस मामले में गुजरात पुलिस और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम कमलेश तिवारी हत्याकांड में 24 वर्षीय मौलाना मोहसिन शेख, 23 वर्षीय राशिद अहमद पठान और 21 वर्षीय फैजान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.  हत्या के चार दिन बाद दोनों मुख्य हत्यारों अशफाक हुसैन (34) और मोईनउद्दीन खुर्शीद पठान (27) को भी गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है. एटीएस के मुताबिक हत्यारों ने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया है. इस लिहाज से पुलिस के मुताबिक ये मर्डर मिस्ट्री सॉल्व हो चुकी है. लेकिन देखना होगा कि कमलेश तिवारी का परिवार इससे संतुष्ट होता है या नहीं.

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