भोपाल: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के साथ ही कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी द्वारा किए गए किसानों की कर्जमाफी के वादे को पूरा करते हुए किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर साइन कर दिए. लेकिन इसमें भी पेंच है. दरअसल सरकार ने किसानों का पूरा कर्ज माफ नहीं किया है बल्कि दो लाख तक का कर्ज माफ किया गया है. ये कर्ज चाहे किसान ने किसी राष्ट्रीय बैंक से लिया हो या फिर किसी कॉपरेटिव बैंक से, उसका वो कर्ज माफ हो जाएगा.

कर्जमाफी पर कमलनाथ के साइन होने के बाद फार्मर्स एंड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेट्री राजेश राजोरा ने किसानों के 2 लाख तक के कर्ज को माफ करने का ऑर्डर जारी कर दिया. ऑर्डर में लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि जिन किसानों ने 31 मार्च 2018 तक कम समय के लिए किसानी के लिए 2 लाख तक का लोन लिया है उसे सरकार माफ करती है.

चुनाव से पहले जारी मेनिफेस्टो में भी कांग्रेस ने कहा था कि अगर वो सत्ता में आते हैं तो वो दो लाख तक का किसानों का कर्ज माफ कर देंगे. 28 नवंबर को चुनावी कैंपेन के दौरान राहुल गांधी ने किसानों से वादा किया था कि सरकार बनने के दस दिन के अंदर वो किसानों का कर्ज माफ कर देंगे और अगर उनका सीएम ऐसा नहीं करता है तो अगले दिन वो मुख्यमंत्री ही बदल देंगे.

Kamal Nath MP Farmers loan waved off: मध्य प्रदेश के किसानों का कर्जा माफ, सीएम की शपथ लेकर कमलनाथ ने पहली फाइल साइन की और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का वादा पूरा हो गया

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