नई दिल्ली. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए भीषण धमाके में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर हैं जिनमें करीब 90 अफगान नागरिक हैं। काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाके में मारे गए लोगों में 13 अमेरिकी भी शामिल हैं। काबुल एयरपोर्ट के पास दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों अचानक भीड़ पर हमला कर दिया। मरने वालों में अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं।

काबुल प्रशासन के मुताबिक हमले में 150 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हुए हैं, हमले की जिम्मेदारी ISIS खोरासान ने ली है। देश छोड़ने की उम्मीद में हवाई अड्डे के बाहर खड़े लोगों के बीच आत्मघाती धमाके के बाद तबाही का मंजर था। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक एक इंटरनेशनल डेवलपमेंट ग्रुप का कर्मचारी भी उस समय कतार में खड़ा था. कर्मचारी ने विस्फोट को भयावह बताया और कहा कि इस जीवन में कयामत देखना भले संभव नहीं है लेकिन आज इसे मैंने अपनी आंखों से देखा है।

भारतीय समय के मुताबिक रात करीब पौने तीन बजे अमेरिकी राष्ट्रपति ने मीडिया को पूरे हालात पर ब्रीफिंग दी और कहा कि हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. एहतियात के तौर पर अब काबुल एयरपोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को और बढ़ा दिया गया है. जो बाइडेन ने कहा, ”इस हमले को अंजाम देने वालों के साथ-साथ अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की इच्छा रखने वाले कोई भी व्यक्ति ये जान ले कि हम तुम्हे माफ नहीं करेंगे। हम तुम्हे नहीं भूलेंगे। हम तुम्हे मार गिराएंगे, तुम्हें भुगतान करना ही होगा। हम अपने और अपने लोगों के हितों की रक्षा करेंगे।”

ISIS खोरासान के आतंकियों ने दावा किया है कि उन्होंने ही अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया है। काबुल में अमेरिका बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। एयरपोर्ट के बाहर हजारों लोगों की भीड़ इकठ्ठा है और इसी भीड़ का फायदा उठाकर ISIS खोरासान के आतंकियों ने आत्मघाटी हमला कर दिया।

Kabul Airport Attack : काबुल एयरपोर्ट हमले में 13 अमरीकी सैनिकों समेत 72 की मौत, गुस्से में लाल अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन बोले खोज-खोजकर मारेंगे

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