रायपुर. छत्तीसगढ़ के कथित मंत्री की सीडी मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गुरुवार को जमानत मिल गई है. रायपुर में सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर की है. सेक्स सीडी मामले में विनोद वर्मा पांच दिनों तक पुलिस हिरासत में रहे. इसके बाद लगातार उनकी न्यायिक रिमांड बढ़ती चली गई. सीबीआई भी 12 दिनों की न्यायिक रिमांड के दौरान कई बार उनसे लंबी पूछताछ कर चुकी है. इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर सीबीआई अदालत में चालान पेश नहीं कर पाई जिसके कारण उन्हें जमानत मिल गई.

विनोद वर्मा को दिल्ली से सटे गाजियाबाद स्थित उनके आवास से छत्तीसगढ़ पुलिस ने 27 अक्टूबर को तड़के 3.30 बजे गिरफ्तार किया था. उनकी गिरफ्तारी प्रकाश बजाज की शिकायत पर की गई थी जोकि किसी के खिलाफ भी नामजद नहीं थी. पंढरी थाने में आईपीसी की धारा 384, 506 और आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. बाद में 27 अक्टूबर को ही पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. भूपेश बघेल और विनोद वर्मा के खिलाफ अश्लील सीडी बांटने के अलावा फिरौती मांगने का आरोप है.

राज्य सरकार ने बाद में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था. सीबीआई को दोनों ही मामलों को प्रमाणिक सबूत नहीं मिल पाए हैं. पंढरी थाने में प्रकाश बजाज ने जो मामला दर्ज कराया था सीबीआई उसकी भी जांच करेगी. विनोद वर्मा बीबीसी सहित कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं. उनकी गिरफ्तारी के विरोध में कई पत्रकार गाजियाबाद थाने पहुंचे थे जहां छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें हिरासत में लेने के बाद गई थी. पुलिस ने यहां कोई खास जानकारी नहीं दी थी. जमानत मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि पत्रकार विनोद वर्मा शुक्रवार को रायपुर की सेंट्रल जेल से बाहर आ जाएंगे.     

छत्तीसगढ़ पुलिस की हिरासत में पत्रकार विनोद वर्मा, BJP मंत्री की कथित सेक्स सीडी रखने का है आरोप

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