नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जेएनयू कैंपस में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति को शरारती तत्वों ने खंडित कर दिया. जेएनयू कैंपस में विवेकानंद की मूर्ति स्थापित की जा रही है. इस मूर्ति का अभी तक उद्घाटन नहीं हुआ है. गुरुवार को जेएनयू कैंपस में मौजूद स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के साथ किसी शरारती तत्व ने तोड़-फोड़ कर दी. साथ ही मूर्ति के नीचे ‘भगवा जलेगा’ भी लिख दिया. हालांकि इसके पीछे किसका हाथ है यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है. जेएनयू प्रशासन इसकी जांच में जुटा है.

पिछले साल ही दिल्ली के जेएनयू कैंपस में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित किए जाने का फैसला लिया गया था. वाम विचारधारा से प्रेरित जेएनयू छात्र संघ ने इसका विरोध भी किया था. छात्रों का कहना था कि लाइब्रेरी के खर्च में कटौती कर यूनिवर्सिटी कैंपस में विवेकानंद की मूर्ति स्थापित की जा रही है, जो कि गलत है.

यदि मूर्ति स्थापित करनी है तो इसका फंड कहीं ओर से आना चाहिए. यह प्रतिमा जेएनयू प्रशासनिक खंड के दाहिनी ओर पंडित जवाहर लाल नेहरू की मूर्ति के सामने स्थापित की जा रही है. हालांकि जेएनयू प्रशासन ने लाइब्रेरी बजट में कटौती कर मूर्ति स्थापित करने की खबरों का खंडन किया था.

दूसरी ओर जेएनयू कैंपस में पिछले 15 दिनों से छात्र-छात्राएं हॉस्टल, मेस एवं अन्य फीस में बढ़ोतरी को लेकर आंदोलन कर रहे थे. जेएनयू प्रशासन ने हॉस्टल फीस में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी थी. साथ ही मेस एवं अन्य सर्विस चार्ज भी बढ़ा दिए थे. हालांकि स्टूडेंट्स के आंदोलन के बाद सरकार ने बुधवार को बढ़ी हुई फीस का आंशिक भाग वापस लेने का फैसला ले लिया.

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