नई दिल्ली: अनिवार्य अटेंडेंस के खिलाफ जेएनयू एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स यूनियन सेंट्रल पैनल के हर सदस्य पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है. जेएनयू के चीफ प्रॉक्टर ने मंगलवार को जेएनयू अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनरल सेकेट्री और ज्वाइंट सेकेट्री को सर्कुलर जारी कर जुर्माने की रकम दस दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है.

सर्कुलर में कहा गया है कि ‘ जांच में आपको एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन करने का दोषी पाया गया है ‘ ये हरकत हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. गौरतलब है कि 4 जनवरी को जेएनयूएसयू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं वाइस चांसलर से मिलने की मांग और अनिवार्य अटेंडेंट के खिलाफ ज्ञापन सौंपने के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के बाहर जमा हुए थे. हालांकि वाइस चांसलर ने उस दिन छात्रों से मुलाकात करने से मना कर दिया था और आगे के लिए मिलने का समय दे दिया था.

यूनिवर्सिटी प्रशासन की इस कार्रवाई को जेएनयूएसयू यानी जेएनयू छात्रसंघ ने बदले की कार्रवाई करार दिया है. जेएनयू छात्रसंघ ने अपने बयान में कहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्र नेताओं को टार्गेट करने के मामले में हाइपर एक्टिव है क्योंकि वो वाइस चांसलर से मिलने की कोशिश करने का अपराध कर रहे थे. इससे साफ तौर पर नजर आता है कि छात्र नेताओं के खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रशासन बदले की कार्रवाई कर रहा है साथ ही ये भी पता चलता है कि वाइस चांसलर को छात्रों से मिलने में कोई रूचि नहीं है.

पढ़ें- दिल्लीः 75 फीसदी हाजिरी को लेकर JNU में बवाल, खाकी पैंट पर लिखा- बॉयकॉट अटेंडेंस