नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के पहले खंड को छोड़कर बाकी खंडो को निरष्त कर दिया है. अब घाटी में शांति बनाने के लिए उप-राज्यपाल के जरूरत है और इस पद की रेस में वीरप्पन का एनकाउंटर करने वाले IPS विजय कुमार है. विजय कुमार इस समय जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार हैं और वह इससे पहले घाटी में बीएसएफ के आईजी के तौर पर भी रह चुके हैं. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में उप-राज्यपाल के पद के लिए केंद्र सरकार के विशेष प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा का नाम भी आ रहा है. दिनेश्वर शर्मा आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के निदेशक के पद पर रह चुके हैं.

हालांकि सरकार की तरफ से अभी कोई भी ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. पू्र्व आईपीएस अफसर के विजय कुमार ने अपने करियर में कई बड़े-बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया है. साल 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जब नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 75 जवानों के शहीद होने के बाद विजय कुमार सीआरपीएफ का महानिदेशक (डीजी) के पद पर तैनात हुए थे. इनके नेतृत्व में टीम ने जंगलों में घुसकर नक्सलियों का खात्मा किया था और उनके द्वारा नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन के बाद नक्सली गतिविधियां बहुत कम हुईं थी.

पूर्व आईपीएस ऑफिसर के. विजय कुमार जंगलों में आतंक के खिलाफ अभियान चलाने में बहुत ही माहिर हैं और इसका सबूत वीरप्पन है. उन्होंने साल 2004 में वह स्पेशल टास्क फोर्स के चीफ थे और उनकी टीम ने चंदन तस्कर वीरप्पन को ढेर किया था. जब वीरप्पन तमिलनाडु के जंगलों में रहता था और न जाने कितने पुलिस वालों को उसने मार गिराया था.

वीरप्पन श्रीलंका के तमिल टाइगर नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरन का बहुत बड़ा फैन था और उससे मिलने के लिए जंगलों से निकला. हालांकि यह साजिश विजय कुमार की रची हुई थी और वह इस में फंस कर स्पेशल टास्क फोर्स की टीम का निशाना बना. 

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