नई दिल्ली. झारखंड के पलामू जिले में रविवार को एक घटना सामने आई जिसमें  एक पुलिस अधिकारी ने चोरी के आरोपी एक व्यक्ति के गुप्तांग पर बिजली के झटके दिए ताकि उससे अपराध कबूल करवाया जा सके. इस घटना को सुनकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया. यह घटना चैनपुर पुलिस स्टेशन में हुई थी. जिसके बाद अब घटना की जांच का आदेश दिया गया है.

पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने कहा, ““हमें शिकायत मिली है कि चैनपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ सुमित कुमार ने चोरी के आरोपी एक व्यक्ति के निजी अंगों पर बिजली के झटके दिए थे. मेदिनीनगर के एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता को मामले की जांच करने के लिए कहा गया है. आरोप सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”

सोनपुरवा गांव के रजनीकांत दुबे (35) ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें आठ अक्टूबर को पुलिस ने चोरी के संदेह में उठाया था. दुबे ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और उनके निजी अंगों पर बिजली के झटके दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

डॉ. आर के रंजन, जिन्होंने दुबे का इलाज किया था उन्होंने भी पुष्टि की है कि उनके निजी अंगों पर गंभीर चोटें आई हैं. शिकायत में, दुबे ने आरोप लगाया कि अपराध को कबूल करने में असफल रहने पर एसएचओ ने 9 अक्टूबर को उसे “भयानक परिणाम” की धमकियों के साथ रिहा कर दिया, अगर उसने किसी को घटना का खुलासा किया तो अच्छा नहीं होगा.

दूसरी ओर, एसएचओ ने कहा कि दुबे को चार अक्टूबर को उसके चाचा गोपाल दुबे के घर में चोरी के संबंध में पूछताछ के लिए उठाया गया था.

आंदोलनकारियों ने कथित घटना के विरोध में दिन के दौरान चैनपुर पुलिस थाना क्षेत्र के शाहपुर में मेदिनीनगर-गढ़वा मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे भारी यातायात जाम हो गया. मेदिनीनगर एसडीपीओ के पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचने के बाद नाकाबंदी हटा दी गई और प्रदर्शनकारियों को सूचित किया कि एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

 

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