श्रीनगर/ नई दिल्ली. श्रीनगर/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के राज्यपराल सत्यपाल मलिक के बयान पर सवाल उठाते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पूछा है कि जब बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन पवित्र था तो फिर उनका और पीडीपी का गठबंधन अपवित्र कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि एक दूसरे की विचारधारा के बिलकुल विपरीत पीडीपी और बीजेपी जब सरकार चला सकते हैं तो एनसी और पीडीपी गठबंधन से क्या दिक्कत है? फैक्स मशीन टूटने के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए क्या वाकेई में फैक्स मशीन टूट गई थी. दूसरी तरफ सत्यपाल मलिक पंचायत चुनावों का बहिष्कार करने पर पीडीपी और नेशनल की निंदा की.

विधानसभा भंग करने के फैसले को लेकर सत्यपाल मलिक ने कहा कि ‘मैं पांच महीने से यहां हूं.अगर ये सरकार बनाने की हालत में होते तो इन्हें सरकार बनाने का पूरा मौका था. 15 दिन पहले महबूबा मुफ्ती ने मुझसे कहा कि मेरे विधायकों को एनआईए का डर दिखाकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है और वो चाहती थीं कि विधानसभा भंग हो जाए ताकि उनकी पार्टी बची रहे. वहीं उमर अब्दुल्ला कह रहे थे कि उनके विधायकों को पैसे का इस्तेमाल कर तोड़ा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो इन दिनों शांति का माहौल बन रहा है वो इस अपवित्र गठबंधन से खत्म हो जाएगा. राज्य में पत्थरबाजी बंद हो गई है. आतंकियों की भर्तियां रुक गई है. एक दो जिलों से हमने आतंकियों की आवाजाही पूरी तरह खत्म करवा दी है. ये सब फिर शुरु हो जाता और मेरा मानना है कि ये सरकार दस दिन भी नहीं चलती.’ उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन वोटिंग होना था उस दिन तक इतनी हॉर्स ट्रेडिंग होगी. इतना पैसा बहाया जाता जो हमारे राज्य के पक्ष में नहीं था इसलिए मैने विधानसभा भंग करने का फैसला लिया.’


इससे पहले बुधवार को राज्यपाल सतपाल मलिक ने राज्य की विधानसभा भंग कर दी. इससे पहले पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी, उमर अब्दुल्ला के नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का महागठबंधन बनाकर 56 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा था लेकिन उनकी फोन पर बात नहीं हो सकी और ना ही उनके दावे की चिट्ठी राजभवन के फैक्स पर गई.

2015 में राज्य में बीजेपी और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई थी जो इस साल जून में बीजेपी के समर्थन वापसी से गिर गई थी. भंग की गई 87 सदस्यों वाली जम्मू कश्मीर विधानसभा में पीडीपी के 28, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 15, कांग्रेस के 12 और एक निर्दलीय हकीम यासिन का समर्थन जुटाकर महबूबा मुफ्ती की दोबारा सरकार बनाने की कोशिशें तेज होते ही बीजेपी कैंप में भी हलचल बढ़ी थी. बीजेपी, सज्जाद लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के बागी विधायकों के समर्थन से भी सरकार बनाने का दावा करने की खबरें आ रही थीं कि इसी बीच राज्यपाल ने विधानसभा भंग करके राज्य में दोबारा चुनाव कराने का रास्ता खोल दिया है.

राज्य में इस समय राज्यपाल शासन चल रहा है जो 19 दिसंबर को खत्म होता और उसके बाद राष्ट्रपति शासन लग जाता. राजनीतिक हलकों में ये खबरें थीं कि बीजेपी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के विधायकों को रिझा रही है. बीजेपी की तरफ से पार्टी में तोड़फोड़ के खतरे को देखते हुए महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और राहुल गांधी की पार्टी ने एक साथ आकर सरकार बनाने का दावा करने का फैसला किया लेकिन राज्यपाल तक ये दावा पहुंच नहीं सका. जाहिर है कि विधायकों का बहुमत रहते विधानसभा को भंग करने के राज्यपाल के फैसले को पीडीपी, एनसी और कांग्रेस अदालत में चुनौती देगी.

PDP NC and Congress Alliance in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में 16 साल बाद फिर मिलकर सरकार बना सकती है कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस

Union Minister Satyapal Singh Statement: सत्यपाल सिंह बोले- राष्ट्रपति- प्रधानमंत्री को हाथ में वेद लेकर लेनी चाहिए शपथ, वेद ही दिलाएंगे अातंक से छुटकारा

Live Blog

08:50 (IST)

अखिलेश यादव बोले- खतरे में लोकतंत्र

जम्मू कश्मीर में विधानसभा भंग किया जाने के कदम को समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने अलोकतांत्रिक करार दिया है. उन्होंने ट्वीट किया है- जम्मू-कश्मीर की विधान सभा का अचानक भंग किया जाना पूर्णत: अलोकतांत्रिक है. आज कश्मीर से लेकर केरल तक हर जगह लोकतंत्र ख़तरे में है. देश के सभी विचारवान नागरिकों को एक साथ आना होगा नहीं तो जनतंत्र व जनमत का गला घोंट दिया जाएगा.

00:45 (IST)

महबूबा ने राज्यपाल पर लगाया बीजेपी का पक्ष लेने का आरोप

राज्यपाल सत्यापाल मलिक द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की चीफ महबूबा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल पर बीजेपी को पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा, हमारी याचिका उनके बहरे कानों तक जाने में असफल हो गई. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने भी राज्य में आचार सहिंता लागू करने के लिए जांच करने की बात कही है.

00:44 (IST)

महबूबा ने राज्यपाल पर लगाया बीजेपी का पक्ष लेने का आरोप

राज्यपाल सत्यापाल मलिक द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की चीफ महबूबा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल पर बीजेपी को पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा, हमारी याचिका उनके बहरे कानों तक जाने में असफल हो गई. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने भी राज्य में आचार सहिंता लागू करने के लिए जांच करने की बात कही है.

23:35 (IST)

जम्मू-कश्मीर में आचार संहिता लागू करने के लिए जांच करेगा चुनाव आयोग

विधानसभा भंग किए जाने के एक तरफ विपक्षी पार्टियां तीखी प्रतिक्रिया दे रही हैं जिसके बीच में चुनाव आयोग ने भी महत्वपूर्ण बयान जारी किया है.राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने किए जाने के बाद चुनाव आयोग इस बात की जांच करेगा कि जम्मू-कश्मीर में आचार संहिता लागू की जा सकती है या नहीं.

23:35 (IST)

जम्मू-कश्मीर में आचार संहिता लागू करने के लिए जांच करेगा चुनाव आयोग

विधानसभा भंग किए जाने के एक तरफ विपक्षी पार्टियां तीखी प्रतिक्रिया दे रही हैं जिसके बीच में चुनाव आयोग ने भी महत्वपूर्ण बयान जारी किया है.राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने किए जाने के बाद चुनाव आयोग इस बात की जांच करेगा कि जम्मू-कश्मीर में आचार संहिता लागू की जा सकती है या नहीं.

23:14 (IST)

बीजेपी का लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं- आम आदमी पार्टी

जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग किए जाने के मामले पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जम्मू कश्मीर में विधानसभा भंग किया जाना अलोकतांत्रिक एवं संविधान की हत्या के समान कृत्य है, @BJP4India ने एक बार फिर साबित किया कि उसका लोकतंत्र में कोई भरोसा नही'. मोदी जी देश को 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' की तर्ज़ पर चलाना चाहते हैं !

23:11 (IST)

बीजेपी ने की लोकतंत्र की हत्या- आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग होने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मोदी सरकार ने विरोधियों को सरकार बनाने से रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग कर दिया. ये लोकतंत्र की क्रूर और स्पष्ट हत्या है. ये किसी भी राजनीतिक दल के बारे में नहीं है, यह हमारे संविधान के बारे में है. मोदी सरकार ने राजनीतिक उद्देश्य के लिए संविधान को छोड़ दिया.

22:49 (IST)

विधानसभा भंग करने के फैसले का बीजेपी स्वागत करती है- रविंदर रैना, भाजपा अध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर

राज्यपाल द्वारा जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने के लिए दिए गए प्रस्ताव पर बोलते हुए जम्मू कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा, 'बीजेपी जम्मू-कश्मीर राज्यपाल द्वारा उठाए लिए गए फैसले का स्वागत करती है. एक बार फिर नेशनल कांग्रेस, कांग्रेस, और पीडीपी ने जम्मू कश्मीर में साजिश रजी जिसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ अन्याय किया. क्या वो चुनाव से पहले गठबंधन करेंगे?

22:49 (IST)

विधानसभा भंग करने के फैसले का बीजेपी स्वागत करती है- रविंदर रैना, भाजपा अध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर

राज्यपाल द्वारा जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने के लिए दिए गए प्रस्ताव पर बोलते हुए जम्मू कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा, 'बीजेपी जम्मू-कश्मीर राज्यपाल द्वारा उठाए लिए गए फैसले का स्वागत करती है. एक बार फिर नेशनल कांग्रेस, कांग्रेस, और पीडीपी ने जम्मू कश्मीर में साजिश रजी जिसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ अन्याय किया. क्या वो चुनाव से पहले गठबंधन करेंगे?

22:49 (IST)

विधानसभा भंग करने के फैसले का बीजेपी स्वागत करती है- रविंदर रैना, भाजपा अध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर

राज्यपाल द्वारा जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने के लिए दिए गए प्रस्ताव पर बोलते हुए जम्मू कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा, 'बीजेपी जम्मू-कश्मीर राज्यपाल द्वारा उठाए लिए गए फैसले का स्वागत करती है. एक बार फिर नेशनल कांग्रेस, कांग्रेस, और पीडीपी ने जम्मू कश्मीर में साजिश रजी जिसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ अन्याय किया. क्या वो चुनाव से पहले गठबंधन करेंगे?

22:19 (IST)

कोर्ट जाएं महबूबा मुफ्ती- प्रो सैफुद्दीन सोज

आईएनसी नेता प्रोफेसर सैफुद्दीन सोज ने राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के प्रस्वाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, महबूबा जी को अदालत में जाना चाहिए क्योंकि केंद्र के निर्देशों पर राज्यपाल ने किया है, यह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है. मेहबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस और एनसी समर्थित पीडीपी और गुवा को एक मौका देने के बाद ही राज्यपाल को लिखा था.

22:18 (IST)

कोर्ट जाएं महबूबा मुफ्ती- प्रो सैफुद्दीन सोज

आईएनसी नेता प्रोफेसर सैफुद्दीन सोज ने राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के प्रस्वाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, महबूबा जी को अदालत में जाना चाहिए क्योंकि केंद्र के निर्देशों पर राज्यपाल ने किया है, यह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है. मेहबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस और एनसी समर्थित पीडीपी और गुवा को एक मौका देने के बाद ही राज्यपाल को लिखा था.

21:59 (IST)

हमने सिर्फ सरकार बनाने की संभावना जताई और बीजेपी ने विधानसभा भंग करा दी- गुलाम नबी आजाद

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैने दोपहर में ही कहा था कि हम सरकार बनाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं और बीजेपी ने सिर्फ बातचीत की बात सुनकर ही विधानसभा भंग करा दी. उन्होंने बीजेपी की निंदा करते हुए ये बात कही

21:53 (IST)

उमर अब्दुल्ला ने की राज्यपाल के फैसले की निंदा

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल के विधानसभा भंग करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती का सरकार बनाने को लेकर लेटर मिलने के चंद मिनटों बाद ही राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी.

21:51 (IST)

महबूबा मुफ्ती का लेटर मिलने के तुरंत बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग की

जम्मू-कश्मीर के गवर्नर सतपाल मलिक ने बुधवार को उस वक्त विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया जब पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने की चिट्ठी राज्यपाल को लिखी थी.

21:49 (IST)

राज्यपाल सतपाल मलिक ने गृह मंत्रालय को भेजी विधानसभा भंग करने की रिपोर्ट

गृह मंत्रालय को जम्मू-कश्मीर के गवर्नर सतपाल मलिक की तरफ से विधानसभा भंग करने की रिपोर्ट दे दी गई है. गृह मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए बयान में ये बात कही गई है कि राज्यपाल की तरफ से गृह मंत्रालय को विधानसभा भंग करने की सूचना दे दी गई है.