नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 हटने के बाद भी घाटी में धारा 144 अभी भी लगी हुई है. वहीं प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृति योजना के तहत देश के अन्य कॉलेजों में प्रदेश के छात्र एडमिशन नहीं ले पा रहे है. क्योंकि छात्रों को 15 अगस्त तक एडमिशन लेने हैं लेकिन जम्मू कश्मीर में धारा 144 और हालत को देखते हुए ये संभव नहीं है और ये छात्र जम्मू-कश्मीर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. अब इन छात्रों का करियर डूबता हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि छात्र पहले ही छात्रवृति के ही भरोसे थे लेकिन अब धारा 144 लगने से इनकी समस्या और बढ़ गई है.

इस मामले को लेकर छात्रों के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. प्रदेश की स्थिति से छात्रों के भविष्य को अटकते देख इंजीनियरिंग में दाखिले की समय सीमा बढ़ाने की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. अब सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी, जम्मू कश्मीर के वकील शोएब आलम ने सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एनवी रमना को बताया कि राज्य में इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए काउंसलिंग पूरी हो चुकी है. एडमिशन के लिए छात्र घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और उनका भविष्य खतरे में है.

प्रदेश में धारा 144 लगने से अब छात्र बाहर ही नहीं जा पा रहे हैं. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट जम्मू कश्मीर के छात्रों के भविष्य को देखते हुए समय 15 सितंबर तक बढा दे और कोर्ट सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए 13 अगस्त की तारीख दी है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने घाटी से अनुच्छेद 370 और 35 हटने से पहले ही वहां पर धारा 144 लागू कर दी थी. इसकी वजह से प्रदेश की आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

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