Thursday, August 11, 2022

जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती बोली- मैनें अपने जीवन में बीजेपी से भ्रष्ट सरकार नहीं देखी है

जम्मू-कश्मीर:

श्रीनगर। महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में जारी उथल-पुथल के के बीच पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि इस देश को जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसे नेताओं के खून पसीने से बनाया गया था। जिसका आधार लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता था। भाजपा इसके विपरीत चल रही है। मैनें अपने जीवन में इससे भ्रष्ट सरकार नहीं देखी है।

इससे बड़ा उदाहरण इतिहास में नहीं

पीडीपी अध्यक्ष ने आगे कहा कि जिस तरह से भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, गोवा या महाराष्ट्र मे विधायकों की खरीद फरोख़्त की है, भ्रष्टाचार का इससे बड़ा उदाहरण इतिहास में नहीं है।

महाराष्ट्र में सियासी संग्राम जारी

महाराष्ट्र की सियासत में इस वक्त में शिवसेना के दो गुटों के बीच पार्टी नेतृत्व को लेकर संग्राम हो रहा है। जिसमें बागी विधायकों का गुट असम के गुवाहाटी से पार्टी पर दावेदारी पेश कर रहा है, वहीं दूसरा गुट मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई में खुद को असली बालासाहेब की शिवसेना बता रहा है। इसी राजनीतिक वार-पलटवार के बीच आज मुंबई में शिवसेना राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए। कार्यकारिणी समाप्त होने के बाद शिवसेना भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि अगर एकनाथ शिंदे को वोट मांगना है तो वो अपने पिता के नाम पर मांगे, बालासाहेब के नाम पर नहीं।

अपने पिता के नाम पर वोट मांगे शिंदे

शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा बागी नेता एकनाथ शिंदे पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बालासाहेब के नाम का हम गलत इस्तेमाल नहीं होने देंगे। अगर एकनाथ शिंदे को वोट मांगना है तो वो अपने पिता के नाम पर मांगे, बाला साहेब के नाम पर नहीं।

उद्धव को मिला फैसला लेने का अधिकार

बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सर्वसम्मिति से प्रस्ताव पास कर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बागियों पर फैसला लेने का अधिकार दिया गया। कार्यकारिणी ने उद्धव के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया।

बालासाहेब का नाम इस्तेमाल नहीं करने देंगे

शिवसेना राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिंदे गुट को बालासाहेब का नाम इस्तेमाल नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के अंदर अगर हिम्मत है तो अपने पिता के नाम पर वोट मांगे। बता दें कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में इस मामले को लेकर चुनाव आयोग के पास जाने का फैसला किया गया।

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