श्रीनगर. ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के चुनाव अगले महीने जम्मू और कश्मीर में होने की संभावना है. 31 अक्टूबर को औपचारिक रूप से केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने से पहले मतदान पूरा हो जाएगा. एक रिपोर्ट के अनुसार, एक या दो दिन में चुनावों की घोषणा की जाएगी. हालांकि, कई अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि इस महीने के भीतर चुनाव होने की संभावना है. इन चुनावों को सरकार की कश्मीर में सामान्य स्थिति के दावे की पहली परीक्षा के रूप में देखा जाएगा. यह जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति को हटाने के मोदी सरकार के फैसले की लोकप्रियता का भी परीक्षण करेगा.

हालांकि, यह देखते हुए कि इस क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता, जिनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी शामिल हैं अभी नजरबंद हैं ऐसे में चुनावों में भागीदारी पर नजर रहेगी. रिपोर्ट में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि पंचायत चुनाव के बाद अगले चुनावों की तैयारी पहले ही कर ली गई थी, जिसमें मतदाता सूची तैयार करना भी शामिल था. लेकिन यह लोकसभा चुनाव के कारण आयोजित नहीं किया गया था.

पिछले साल दिसंबर में पंचायत चुनावों के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने राज्य की ब्लॉक परिषदों में से 316 में चुनाव कराने की घोषणा की थी. पिछले साल हुए चुनावों में चुने गए सरपंचों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल हाल ही में मोदी, शाह और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मिला. पिछले साल चुनावों का क्षेत्रीय दलों ने कड़ा विरोध किया था, जिन्होंने चुनाव का बहिष्कार किया था. केंद्र सरकार पिछले कुछ समय से घाटी में जमीनी स्तर के लोकतंत्र की मजबूती की वकालत कर रही है.

अमित शाह ने इस साल जुलाई में कश्मीर की अपनी अंतिम यात्रा में सरपंचों से भी मुलाकात की थी, जब उन्होंने कहा था कि निर्वाचित प्रमुख सरकारों के मिशन को आगे ले जाएंगे. उन्होंने 3700 करोड़ रुपये के पैकेज का भी वादा किया था. पंचायती राज व्यवस्था के तहत ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल स्थानीय सरकार का दूसरा स्तर है. 1989 का जम्मू और कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, हर पांच साल में पंचायत चुनावों को तीन स्तरों पर आयोजित करता है.

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