नई दिल्ली। दुनियाभर में आज अंर्तराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जा रह है. नर्स दिवस पर सभी लोग इस व्यसाय से जुड़े लोगों को बधाई दे रहे है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नर्स दिवस पर कहा कि नर्स हमारी धरती को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका अदा करती हैं, उनका समर्पण और उनकी करुणा अनुकरणीय है. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना जैसी चुनौतीपूर्ण दौर में भी जिस तरह नर्सेज ने देश के लिए काम किया है, वह सराहनीय है।

ट्वीट कर कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि- ‘‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस नर्सिंग समुदाय के प्रति हमारा आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिसे मानवता के प्रति उसकी नि:स्वार्थ सेवा के लिए पहचाना जाता है. जीवन और जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उनकी गहन प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है’’।

नर्स दिवस का इतिहास

अंर्तराष्ट्रीय नर्स दिवस की शुरुआत 1947 से शुरु हुई थी. ये दिन नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म दिवस यानि आज के दिन 12 मई को मनाते है. फ्लोरेंस नाइटिंगेल के साथ-साथ एक बड़ी समाज सुधारक भी थी. नर्सो ने जिस तरह क्रीमियन युद्ध (जुलाई, 1853 – सितंबर, 1855) के दौरान घायल सैनिकों की देखभाल की वह काबिले तारीफ था. इस काम में फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने अहम योगदान निभाया था. इसके लिए उन्हें लेडी विद द लैंप कहा गया. फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने इसे एक पेशे के रूप में खड़ा किया।

‘लेडी विद द लैंप’ के नाम से हुई मशहूर

फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने जीवित रहते हुए खुद की परवाह किए बिना मरीजों की निस्वार्थ भाव से सेवा की. उनके इस अहम योगदान और उन्हें ट्रिब्यूट देने के लिए हर साल यह दिवस मनाया जाता है. उन्होंने एक मोर्चे पर कई महिलाओ को नर्स की ट्रेनिंग दी तो दूसरी तरफ सैनिकों का इलाज भी किया. इस तरह से उन्होंने दुनिया के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी. उन्हें ‘लेडी विद द लैंप’ के नाम से पहचान मिली. बता दें फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई, 1820 को हुआ था. साल 1965 में पहली बार नर्स दिवस मनाया गया, इस दिन उत्कृष्ट काम करनेवाली नर्सों को पुरस्कृत किया जाता है।

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