नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के साथ ही एक मामला सामने आया है. जिसने सभी का ध्यान इस ओर आकर्षित कर दिया है. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2018 के रिजल्ट सामने आने के बाद हुए सत्ता परिवर्तन के बाद मामला सामने आया है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को करारी शिकस्त दी है. इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ में नया मुख्यमंत्री चुनने की कवायद शुरू हो गई है.

इस बीच खबर है कि सत्ता परिवर्तन के ठीक पहले इंटेलिजेंस विभाग ने पूरे प्रदेशभर के अपने कार्यालय की फाइल मंगवाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया है. मामला सामने आने के बाद तमाम राजनीतिक पार्टियां इंटेलिजेंस विभाग पर सवाल खड़े कर रही हैं और भाजपा सरकार पर आरोप लगा रही हैं.वहीं दूसरी तरफ खूफिया विभाग ने जांच करवाने की बात कही है.

फाइल जलाने के मामले को लेकर अभी तक किसी भी अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया है. इस बीच शुक्रवार को हुए खुलासे के बाद मामले ने ओर अधिक तूल पकड़ लिया है. एक वेबसाइट की खबर के मुताबिक अफसरों ने रायपुर स्थित मुख्यालय की फाइलों के साथ-साथ राज्यभर में इंटेलिजेंस के जितने भी कार्यलाय हैं. वहीं से भी दस्तावेज मंगवाकर उन्हें जलाया गया है.

छत्तीसगढ़ में सत्ता से 15 साल बाहर रहने के बाद कांग्रेस की शानदार वापीस हुई है. कांग्रेस ने साल 2013 में 39 सीटें जीती थी लेकिन इस इस बार उन्होंने वापसी करते हुए 68 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं 15 साल तक सत्ता में रहने वाली भाजपा सरकार 15 सीटों पर सिमट गई है.

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