नई दिल्लीः   गुरुवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कमजोरी जारी रही जिसके चलते रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. जिसके बाद एक डॉलर की कीमत 74.47 रुपये हो चुकी है. इसके साथ ही आज कारोबारी दिन की शुरूआत के साथ सेंसेक्स 980 अंको की गिरावट के साथ खुला जिसके बाद शेयर मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है. इससे पहले कारोबारी हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई थी जिसमें डॉलर के मुकाबले रुपया 45 पैसे कमजोर होकर 72.45 के निचले स्तर पर पहुंच गया था. 

रुपये की कमजोरी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की महंगा मिल रहा है. जिस कारण देश में तेल की कीमतों में तेल कंपनियां प्रतिदिन पेट्रोल डीजल के दाम में इजाफा कर रही हैं. आरबीआई ने बाजार में स्थायित्व लाने के लिए 50 करोड़ डॉलर की बिकवाली की थी लेकिन इसका कुछ खास असर नजर नहीं आया. सोमवार को कारोबारी हफ्ते की शुरूआत के साथ ही सेंसेक्स में भारी गिरावट देखने को मिल रही है.

जानकारों की माने तो डॉलर के मुकाबले रुपये के 75 रुपये के पास पहुंचने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है. जिसके बाद कच्चे तेल का आयात होने के बाद तेल कंपनियां फ्यूल प्राइस और बढ़ा सकती है. और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो जाएगा जिससे रोजमर्रा की चीजें और महंगी हो जाएंगी.

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