नई दिल्ली. एक बार फिर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट देखने को मिली है. बुधवार को रुपया और अधिक गिरकर 72.91 के निचले स्तर पर पहुंच गया. बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और भारतीय प्रतिभूति बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी के बीच मंगलवार को रुपया 24 पैसे गिरकर 72.69 पर बंद हुआ था. मंगलवार को मजबूती दिखाते हुए रुपया 72.25 प्रति डॉलर पर आ गया था. लेकिन जल्दी ये गिरकर 72.74 पर आ गया.

विशेषज्ञों की माने तो विदेशी निवेशकों द्वारा पोर्टफोलियो निवेश में भारी कटौती और साल 2019 के आम चुनावों को लेकर राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार की धारणा पर प्रभाव पड़ा है.वहीं सोमवार को शुरुआती आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने पूंजी बाजार से 2,300 करोड़ रुपये की निकासी भी की है.

इसके अलावा क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के कारण भी बाजार की धारणा पर प्रभाव पड़ा है. इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में 72.30 पर खुलकर रुपया 72.45 पर बंद हुआ. रुपये के 72.67 तक लुढ़कने के बाद रिजर्व बैंक के मार्केट में हस्तक्षेप करना पड़ा है. इस सब से बीच फाइनेंशल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अमेरिकी डॉलर के लिए 72.3227 रुपये प्रति डॉलर और 84.0771 रुपये प्रति यूरो तय किया था. इंटरकरेंसी करोबार में यूरो, जापानी येन और पौंड की तुलना में रुपये में तेज गिरावट दिखी.

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