श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद सेना एक्शन में आ गई है. आतंकियों के खात्मे के लिए सेना ने अॉपरेशन अॉल आउट-2 शुरू किया है. सेना की रडार पर 300 आतंकी हैं, जिनमें से 10 को सबसे खतरनाक आतंकियों की श्रेणी में रखा गया है.

हिट लिस्ट में उन आतंकियों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने राइजिंग कश्मीर के एडिटर शुजात बुखारी और भारतीय सेना के जवान औरंगजेब की हत्या की थी. अॉपरेशन अॉल आउट वन के तहत सेना ने घाटी में 200 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था. इसके अलावा एनएसजी को भी कश्मीर भेजा गया है.

इसके 60 जवानों को बीएसएफ ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादियों और सेना पर हमला करने वाले पाकिस्तानी स्नाइपरों को ढेर करने की जिम्मेदारी सौंपी है. 2004 में चंदन तस्कर वीरप्पन को ढेर करने वाले आईपीएस अॉफिसर विजय कुमार और नक्सलियों पर लगाम लगाने वाले बीवीआर सुब्रमण्यम को कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा का मुख्स सचिव नियुक्त किया गया है.

घाटी में जिस तरह विशेष अधिकारियों की नियुक्ति हो रही है, उससे साफ जाहिर होता है कि नरेंद्र मोदी सरकार आतंकियों को बख्शने के मूड में नहीं है. आने वाले दिनों में सेना घाटी में अशांति फैलाने वाले आतंकवादियों पर नकेल कसेगी.

ये आतंकवादी हैं हिट लिस्ट में:

जाकिर मूसा: अनसार गजवत-उल-हिंद का चीफ है और इस आतंकवादी को ए++ कैटिगरी में रखा गया है. यह एक कश्मीरी संगठन है.

डॉक्टर सैफुल्ला: इसको अबु मुसैब के नाम से भी लोग जानते हैं. यह श्रीनगर में हिजबुल मुजाहिद्दीन का सरगना है.आतंकियों की सर्जरी करने वाला सैफुल्ला पुलवामा के मालंगपोरा का रहने वाला है.

नावेट जट्ट: शुजात बुखारी की हत्या में इसी का हाथ बताया जा रहा था. इसको लोग अबु हंजाला के नाम से जानते हैं. यह लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी है.

जहूर अहमद ठोकर: सेना के जवान औरंगजेब की हत्या में ठोकर का हाथ बताया जा रहा है.

जुबैर-उर-इस्लाम: पुलवामा के बैगपुरा का रहने वाला जुबैर कश्मीर में हिजबुल का चीफ है. उसे टेक्नोलॉजी का जानकार माना जाता है. सब्जार अहमद भट्ट की मौत के बाद जुबैर को उसकी गद्दी मिली थी.

वसीम अहमद उर्फ ओसामा: बुरहान वानी ग्रुप का सदस्य वसीम लश्कर का शोपियां जिले का कमांडर है.

अल्ताफ कचरू उर्फ मोइन उल-इस्लाम: सुरक्षाबलों पर 2015 में हुए हमले का मास्टरमाइंड था. उसने साइंस में ग्रेजुएट किया है और वह अल्ताफ हिजबुल के कुलगाम का प्रमुख है.

जीनत उल-इस्लाम उर्फ अलकामा: लश्कर में जीनत का ओहदा तब बढ़ा जब अमरनाथ हमले के मास्टरमाइंड अबु इस्माइल को ढेर कर दिया गया. 2017 में शोपियां में हमला जीनत के नेतृत्व में किया गया था.

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