जेनेवा. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, यूएनएचआरसी के 42वें सत्र में भारत और पाकिस्तान दोनों आमने सामने हुए. पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस सेशन में कश्मीर का मुद्दा उठाया और यूएन से भारत के जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले की जांच की मांग की. इसके जवाब में भारत ने यूएनएचसीआर में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर बेनकाब किया. साथ ही भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने का फैसला हमारा आंतरिक मसला है. इसमें किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी हमें पसंद नहीं है. वहीं पाकिस्तान की ओर से शाह महमूद कुरैशी ने बताया कि कश्मीर में हालात बदतर हो रखे हैं. भारत सरकार दावा कर रही है कि कश्मीर में स्थिति सामान्य हो गई है लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान और एनजीओ का दावा है कि जम्मू-कश्मीर के लोग अभी भी डर में जीवन जी रहे हैं. पाकिस्तान ने भारत द्वारा कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया.

पाकिस्तान की ओर से यूएनएचआरसी में 115 पेज की एक रिपोर्ट पेश की गई है. जिसमें जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन की जानकारी दी गई है. इस रिपोर्ट के कवर पेज पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला के भी बयानों का जिक्र किया गया है. भारतीय विपक्ष नेताओं के इन बयानों के पाक द्वारा इस्तेमाल किए जाने पर भी विवाद छिड़ गया है. लोग राहुल गांधी को पाकिस्तान का हितैशी करार दे रहे हैं.

यूएनएचआरसी में भाषण देने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कबूला कि जम्मू-कश्मीर भारत का ही राज्य है. दरअसल बातचीत के दौरान उन्होंने आनन-फानन में ही सही लेकिन कश्मीर को भारत का राज्य बता दिया. इसको लेकर भी पाक विदेश मंत्री को ट्रोल किया जा रहा है.

India vs Pakistan in UNHRC Session Highlights:

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