नई दिल्ली. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पोखरण में भारत की परमाणु नीति को लेकर बड़ा बयान दिया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि आगे आने वाले हालात के मद्देनजर तय होगा कि भारत परमाणु बम के पहले इस्तेमाल की नीति बदलेगा या नहीं. बता दें कि अब तक भारत की परमाणु नीति घोषित तौर पर यह रही है कि भारत कभी पहले इनका इस्तेमाल नहीं करेगा. राजनाथ सिंह आज पोखरण में हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर राजनाथ सिंह पोखरण पहुंचे हुए हैं जहां 1998 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने परमाणु परीक्षण किया था. बता दें कि भारत और पाकिस्तान की सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है. 15 अगस्त को भी पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी हुई थी जिसके जवाब में भारतीय सेना ने जवाबी हमला किया जिसमें 3 पाकिस्तानी रेंजर्स की मौत हो गई थी.

राजनाथ सिंह ने इससे पहले पोखरण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धंजलि दी. उन्होंने कहा कि यह संयोग की बात है कि आज अटल जी की पुण्यतीथि है और मैं पोखरण में मौजूद हूं. मैंने सोचा उन्हें यहीं से श्रद्धांजलि देनी चाहिए. बता दें कि 1998 में पोखरण में भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था. भारत की परमाणु नीति घोषित तौर पर यह रही है कि वह पहले परमाणु हमला नहीं करेगा. इसी वजह से भारत को एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र माना जाता है. राजनाथ सिंह ने कहा, अब तक घोषित तौर पर हमारी परमाणु नीति है कि हम पहले हमला नहीं करेंगे. आगे की नीति कैसी होगी यह हालात पर निर्भर करेगा. बता दें कि पहली बार भारत के किसी रक्षा मंत्री ने इस बात के संकेत दिए हैं कि भारत पहले हमला न करने की नीति पर पुनर्विचार भी कर सकता है. हालांकि राजनाथ सिंह ने भविष्य की बात की है और फैसला हालात पर छोड़ा है लेकिन वैश्विक तौर पर इस बयान की प्रतिक्रिया आ सकती है. विशेषकर पाकिस्तान से जो इस वक्त दुनिया के हर मंच पर नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को खत्म करने का रोना रो रहा है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतीथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी

राजनाथ सिंह ने ट्विटर पर लिखा- पोखरण साक्षी है अटल जी के उस मजबूत इच्छाशक्ति का जिसने भारत को एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया. आज तक हम नो फर्स्ट यूज की पॉलिसी पर कायम हैं. भारत अब तक बेहद कड़ाई से इस नीति पर अडिग रहा है. भविष्य में क्या होगा यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा

अपने अंतिम ट्वीट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा– भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और यह पूरे देशवासियों के लिए गर्व का विषय है. समूचा देश हमेशा अटल जी का कर्जदार रहेगा.

क्या है भारत की परमाणु नीति

भारत ने 2003 में अपना परमाणु सिद्धांत अंगीकार किया था. भारत की परमाणु नीति का मूल सिद्धांत पहले उपयोग नही है. इस नीति के अनुसार भारत किसी भी देश पर परमाणु हमला तब तक नही करेगा जब तक कि पहले वह देश भारत के ऊपर हमला नही कर देता है. भारत की परमाणु नीति यह भी स्पष्ट रूप से कहती है कि अगर भारत पर परमाणु हमला होता है तो इसका जवाब इतना मारक होगा कि हमलावर देश इससे कभी उबर नहीं पाएगा. भारत अपनी परमाणु नीति को इतना सशक्त रखेगा कि दुश्मन के मन में भय बना रहे. दुश्मन के खिलाफ परमाणु हमले की कार्यवाही करने के अधिकार सिर्फ जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों अर्थात देश के राजनीतिक नेतृत्व को ही होगा हालांकि परमाणु कमांड अथॉरिटी का सहयोग जरूरी होगा.जिन देशों के पास परमाणु हथियार नही हैं उनके खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नही किया जाएगा.यदि भारत के खिलाफ या भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ किसी कोई रासायनिक या जैविक हमला होता है तो भारत इसके जबाब में परमाणु हमले का विकल्प खुला रखेगा.भारत परमाणु मुक्त विश्व बनाने की वैश्विक पहल का समर्थन करता रहेगा तथा भेदभाव मुक्त परमाणु निःशस्त्रीकरण के विचार को आगे बढ़ाएगा.

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