नई दिल्ली.  India Russia 2+2 Dialouge भारत और रूस के बीच सैन्य तकनीकी को लेकर समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत दोनों ही देश अगले 1 दशक (2021-2031) तक सैन्य स्तर पर तकनीक का आदान- प्रदान करेंगे। यह मेगा डील आज दोनों देशो के 2+2 डायलॉग की बातचीत के तहत हुई है. इस डील के तहत एके 203 राइफल के निर्माण पर भी समझौता हुआ है. एके 203 का निर्माण यूपी के अमेठी और मध्य प्रदेश के कोरवा में होगा। इस डील के बाद भारत में 6 लाख 71 हजार से ज़्यादा एके 203 का निर्माण हो सकेगा।

भारत को लम्बे समय से इस तकनीक की जरूरत थी, जो आज पूरी हुई है. भारत के रक्षा मंत्री ने इस समझौते को लेकर ट्वीट किया और कहा कि- ‘रूसी रक्षा मंत्री, जनरल सर्गेई शोइगु के साथ रक्षा सहयोग पर उपयोगी द्विपक्षीय चर्चा हुई है. भारत रूस के साथ अपने रणनीतिक समझौते को विशेष महत्‍व देता है. राजनाथ सिंह ने ये भी कहा कि भारत रूस के साथ अपने घनिष्‍ठ संबंधों की तहेदिल से सराहना करता है. हम ये उम्‍मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में इस समझौते से समूचे भूभाग में शांति, सौहार्द और स्‍थायित्‍व रहेगा।

 एके 203 राइफल की क्या है खासियत

3 फुटबॉल ग्राउंड जितनी रेंज, बेहद हल्की

एके 203 राइफल कलाश्निकोव सीरीज की सबसे बेहतरीन और घातक राइफल है. 7.62 X 39mm कैलिबर वालीAK-203 राइफल तीन दशक पहले शामिल इंसास राइफल (INSAS Rifle) की जगह लेगी. इस राइफल के भारतीय सैन्य तकनीक में जुड़ने से सेना की ताकत को बढ़त मिलेगी।

इंसास के मुकाबले ज़्यादा घातक और छोटी है एके-203

इंसास राइफल की तुलना में ऐक असॉल्ट राइफल छोटी, हलकी और ज़्यादा घातक हैं. ऐक असॉल्ट राइफलका वजन 3.8 किलोग्राम है जबकि इंसास राइफल का वजन बिना मैगजीन और बेयोनेट के भी 4.15 किलोग्राम हैं. लम्बाई के मामलें में इंसास 960 मीटर है, जबकि AK-203 बस 705 मिलिमीटर लंबी है.

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