July 18, 2024
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G-7 Summit: भारत G-7 का सदस्य नहीं, फिर भी उसे बार-बार क्यों मिलता है न्योता?

  • WRITTEN BY: Aprajita Anand
  • LAST UPDATED : June 16, 2024, 9:32 am IST

नई दिल्ली: इस साल (2024) इटली में आयोजित जी-7 सम्मेलन में भारत को भी आमंत्रित किया गया था। इससे पहले भी पिछले कई सालों से भारत को इस समिट के लिए न्योता मिलता रहा है.

G-7 समिट सम्मेलन 13-15 जून तक इटली में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में भारत को भी आमंत्रित किया गया था और देश की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें भाग लिया था. उनकी मौजूदगी ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं. इस सम्मेलन के दौरान उन्होंने कई राष्ट्राध्यक्षों से भी बात की.

इस पूरे सम्मेलन में भारत की मौजूदगी बहुत मजबूत दिखी, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस सम्मेलन में इतना दबदबा रखने वाला भारत जी-7 समूह का सदस्य नहीं है. इसके बाद भी उसे प्रत्येक वर्ष इस समिट सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया जाता है और भारत भी इसमें भाग लेता है. इस दौरान उन्हें काफी अटेंशन भी मिलती है.

भारत का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है

वर्ष 2023 में जापान के हिरोशिमा में आयोजित जी-7 सम्मेलन में भारत ने भाग लिया। 2019 में आयोजित G-7 सम्मेलन में भी भारत को आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका में होने वाले G7 समिट सम्मेलन में भी उसे आमंत्रित किया गया था। लेकिन बाद में कोरोना के कारण इसे रद्द करना पड़ा.

यही कारण है भारत को महत्व देने का

लोगों के मन में अक्सर ये सवाल उठता है कि जब भारत G-7 का सदस्य नहीं है तो फिर उसे इतनी अटेंशन क्यों मिलती है. इसका उत्तर बिल्कुल स्पष्ट है और इसमें भारत को शामिल करने के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं। दरअसल, जी-7 के लिए भारत से बातचीत करना काफी महत्वपूर्ण है. भारत की अर्थव्यवस्था 3.4 ट्रिलियन डॉलर की है, जो जी-7 के तीन सदस्यों (फ्रांस, इटली और कनाडा) से भी बड़ी है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार,भारत दुनिया की सबसे स्पीड से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. एशिया प्रशांत के लिए आईएमएफ के उप निदेशक ऐनी मैरी-गुल्डे-वुल्फ ने 2023 में कहा था कि भारत दुनिया के लिए एक प्रमुख आर्थिक इंजन हो सकता है, जो इन्वेस्टमेंट, व्यापार और कंजम्प्शन के माध्यम से वैश्विक विकास को चलाने में सक्षम है।

ये भी एक कारण है

जनसंख्या के मामले में भारत ने चीन को बहुत पीछे छोड़ दिया है. भारत की 68 फीसदी आबादी कामकाजी है. यानी इनकी उम्र 15 से 64 के बीच है. 65 फीसदी आबादी 35 साल से कम है. भारत में युवा कुशल और सेमी कुशल लोगों की अच्छी संख्या है।

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