नई दिल्ली: समलैंगिक रिश्तों को लेकर पिछले दो दिनों से सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी है. कोर्ट के इस फैसले पर भारत समेत दुनिया भर के एलजीबीटी समुदाय के लोगों की नजरें बनी हुई है. भारत में भी समलैंगिक शादी की शुरूआत हो चुकी है. महाराष्ट्र के युवातमल में पहली समलैंगिक शादी हुई थी. IIT ग्रेजुएट हृषि सथवाने ने वियतनाम के विनाह से धूमधाम से शादी रचाई थी जोकि पेशे से टीचर हैं.

IIT पवई ग्रेजुएट हृषि ग्रीन कार्ड होल्डर हैं जो अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहते हैं. ऑनलाइन डेटिंग वेबसाइट के द्वारा उनकी साल 2006 में विनाह से मुलाकात हुई थी. विनाह भी 1990 में वियतनाम छोड़कर अमेरिका आ गए थे. अप्रैल 2017 में दोनों की सगाई हुई. हृषि चाहते थे कि उनके गृहनगर में उनकी शादी हो.

हृषि ने 1997 में अपने परिवार को ये बात बताई तो उनका परिवार सामाजिक स्तर पर लोग क्या सोचेंगे ये सोचकर डर गया. उन्हें लगा कि उनके परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी. हालांकि हृषि और उनकी बहन ने करीब पांच सालों तक घरवालों को मनाने की कोशिश की जिसके बाद आखिरकार वो मान गए. दिसंबर 2017 में दोनों ने शादी कर ली. 

दोनों अमेरिका वापस जा चुके हैं और अब बच्चा गोद लेने की योजना बना रहा हैं क्योंकि दोनों में से किसी को भी बायलॉजिकल बच्चा नहीं हो सकता है.

350 IIT ग्रेजुएट और एलुम्नाई LGBT समुदाय से रखते हैं ताल्लुख

डॉ मेनका गुरुस्वामी प्रवृथी नाम के एक संगठन की तरफ से LGBT समुदाय के हक के लिए पैरवी कर रही हैं. ये समुदाय 350 IIT छात्रों और एलुम्नाई का है जो समलैंगिक हैं. 

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