नई दिल्ली: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर चीन को लेकर एक बार फिर हमला बोला है. राहुल गांधी ने कहा कि भूल जाएं कि हम चीन के सामने खड़े हो सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वो चीन का नाम तक ले पाएं. राहुल गांधी ने एक खबर का लिंक साझा करते हुए ये बात कही जिसमें कहा गया है कि चीन के अतिक्रमण की बात कबूलने वाले दस्तावेज को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटाया गया. दरअसल रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को अपनी वेबसाइट पर एक डॉक्यूमेंट अपलोड किया था, जिसमें कहा गया था कि लद्दाख के कई इलाकों में चीनी सेना के अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ीं हैं. बाद में रक्षा मंत्रालय ने इसे अपनी साइट से हटा लिया. 

कांग्रेस नेता अजय माकन ने इस बाबत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जिसमें उन्होंने कहा कि चीन की सेना ने हमारी जमीन पर अतिक्रमण किया. हमारी सेना LAC पर लड़ रही है, लेकिन सरकार का बयान भ्रामक है. उन्होंने कहा कि हमारे आईटीबीपी के जवान बार्डर से पीछे हट रहे हैं लेकिन चीनी सैनिक वहीं बने हुए हैं. उन्होंने पीएम मोदी के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारी सीमा में कोई नहीं घुसा घुसा, ना ही किसी ने हमारी जमीन पर कब्जा किया. अजय माकन ने पूछा कि रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जून में हुई गतिविधियों को लेकर जानकारी दी लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया. क्या रक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री को बचा रहा है? अजय माकन ने दावा किया कि गलवान घाटी में चीन की दखलअंदाजी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि 17-18 मई को अलग-अलग इलाकों में चीनी सेना ने अतिक्रमण किया.

अजय माकने ने सरकार से पूछा है कि रक्षा मंत्रालय का कागजात सही है या पीएम मोदी का बयान और क्या कारण है कि कागजात को वेबसाइट से हटाया गया. अजय माकन ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार अपना रोडमैप बताए कि कबतक सीमा पर चीन के साथ गतिरोध जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि सर्दियां आ रही है उसको लेकर हमारी क्या तैयारियां हैं. कांग्रेस की मांग है कि सरकार देश की जनता को सच्चाई बताए. सरकार बताए कि हालात से निपटने के लिए उसकी क्या रणनीति है.

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