नई दिल्ली: एक तरफ चीन भारतीय सीमा का अतिक्रमण करने लगा है वहीं दूसरी तरफ सरकार चीन की कमजोर नब्ज दबा रही है. बुधवार को सरकार ने पबजी समेत 118 चीनी मोबाइल ऐप पर बैन लगाकर चीन को जबर्रदस्त आर्थिक झटका दिया जिससे चीन बौखलाया हुआ है. बैन होने वाले ऐप में PUBG के अलावा Baidu, APUS लॉन्चर प्रो जैसे ऐप शामिल हैं जो भारत में काफी पॉपुलर रहे हैं. चीनी ऐप बैन किए जाने के बाद चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने भारत सरकार के इस कदम पर कड़ा विरोध करते हुए भारत को अपनी गलती सुधारने को कहा है.

चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख छापा है. इसमें कहा गया है कि भारत ने चीन के साथ संघर्ष जारी रखा तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. इसके साथ ही चीनी अखबार ने कोरोना वायरस और अर्थव्यवस्था को लेकर भी मोदी सरकार को निशाने पर लिया है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा वह चीनी मोबाइल ऐप बंद करने के भारत के कदम का कड़ा विरोध करता है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि भारत के इस कदम से चीनी निवेशकों और सेवा प्रदाताओं के कानूनी हितों का उल्लंघन हुआ है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता गाओ फेंग ने कहा कि चीन भारत से अपनी भूल सुधारने के लिए कहता है.

गौरतलब है कि भारत ने डेटा सुरक्षा जोखिम का हवाला देते हुए बुधवार को पापुलर वीडियो गेम PUBG समेत 118 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था. PUBG में चीन की कंपनी टेनसेंट होल्डिंस लिमिटेड की बड़ी हिस्सेदारी है. जिन ऐप्स को बैन किया गया है उनमें PUBG के अलावा, Baidu, कैमकार्ड बिजनेस, वीचैट रीडिंग, वूव मीटिंग- टेनसेंट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, स्मार्ट ऐप लॉक, ऐपलॉक जैसे एप शामिल हैं.

सरकार ने हाल ही में चीनी ऐप पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पहले 59 ऐप को बैन किया था, जिसमें लोकप्रिय ऐप TikTok भी शामिल था. बाद में सरकार ने 47 और ऐप को बैन किया था. बुधवार को एक बार फिर से सरकार की तरफ से PUBG समेत 118 ऐप को बैन किया गया है.

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