भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीब लोगों पर आयकर विभाग की छापेमारी से प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस दौरान सीआरपीएफ और मध्य प्रदेश पुलिस के बीच भिड़ने की खबरें सामने आई हैं. आयकर विभाग ने कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, निजी सचिव और पूर्व अधिकारी (ओएसडी) प्रवीण कक्कड़ समेत 3 करीबी लोगों के ठिकानों पर रेड की है. आयकर विभाग अभी तक 50 ठिकानों पर छापा मारकर 9 करोड़ रुपए जब्त कर चुका है. सीएम कमलनाथ ने इसे चुनावी लाभ लेने के लिए बीजेपी का हथकंडा बताया है तो वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि इस छापेमारी से नरेंद्र मोदी सरकार का कोई लेना देना नहीं है.

छापेमारी के दौरान भिड़ी सीआरपीएफ और मध्य प्रदेश पुलिस
मालूम हो कि मध्य प्रदेश के एमपी कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के आवास पर आयकर विभाग की रेड पड़ने के बाद पुलिस महकमे में काफी हंगामा हो गया है. भोपाल के सीटी एसपी भूपिन्दर सिंह ने कहा कि हमें आईटी रेड से परहेज नहीं है, लेकिन जहां रेड पड़ी है वह आवासीय परिसर है. यहां काफी लोग हैं जिन्हें मेडिकल हेल्प की जरूरत है, लेकिन चूंकि सीआरपीएफ कर्मियों ने इस पूरे परिसर को घेर रखा है और वे किसी को अंदर नहीं जाने दे रहे, इससे हमें दिक्कत हैं, हमें लोगों की मदद करने दीजिए.

वहीं सीआरपीएफ के एक अधिकारी प्रदीप कुमार ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि एमपी पुलिस हमें हमारा काम नहीं करने दे रही और गालियां भी दे रही है. हम तो अपने सीनियर्स के आदेश का पालन कर रहे हैं. हमें ऑर्डर है कि किसी को अंदर न आने दें, इसलिए हम किसी को रेसिडेंशियल कॉम्पलेक्स में जाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं.

क्या बोले अरुण जेटली
अरुण जेटली ने कहा है कि चुनाव आयोग और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों पर पूरी तरह नजर रखती हैं. किसी भी तरह की छापेमारी के लिए ये एजेंसियां न तो सरकार से अनुमति और न ही कोई रिपोर्ट दाखिल करती हैं. इससे राजनीति का कोई भी लेना देना नहीं है.

अरुण जेटली ने आगे कहा कि जो लोग बेईमानी करने के बाद अब रो रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि उनके ठिकानों से क्यों करोड़ रुपए बरामद हो रहे हैं. कांग्रेसी सत्ता सभी राज्यों में भ्रष्टचार अपनी चरम सीमा पर होता है. जिन पर काला धन पकड़ा जा रहा है उन्हें पकड़े जाने पर रोने से बेहतर शर्म करनी चाहिए.

सीएम कमलनाथ ने क्या कहा
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस छापेमारी को भाजपा को लोकसभा चुनाव 2019 में मिल रही हार की बौखलाहट बताया है. कमलनाथ ने कहा है कि बीजेपी को 2019 में अपनी हार नजर आने लगी हैं इसलिए वे ऐसी कार्रवाई कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है. पिछले 5 सालों से बीजेपी ये हथकंडे अपना रही है. हम हर चीज की जांच के तैयार हैं, हम चाहते हैं कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो. भाजपा के ये हथकंडों से विकास के पथ पर कांग्रेस के कदम नहीं रुकेंगे बल्कि तेजी से आगे बढ़ेंगे.

शिवराज सिंह चौहान हुए हमलावर, कांग्रेस नेता ने आयकर विभाग के दुरूपयोग का लगाया आरोप

कमलनाथ के करीबियों के घर आईटी रेड के बाद राजनीतिक गलियारों में भी लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हलचल तेज हो गई है. एमपी के सीएम के ओएसडी के घर और कई अन्य कांग्रेस नेता के ठिकानों से 9 करोड़ बरामद होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे से भिड़ गए हैं. सीनियर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि चुनाव के समय से जांच एजेंसियों का मोदी सरकार दुरूपयोग कर रही है. किसी भी जांच एजेंसी बीजेपी तक पहुंची है कि चुनाव के लिए वह कितना खर्च कर रही है. बीजेपी के लिए कोई सीबीआई, आईटी डिपार्टमेंट या ईडी नहीं है.

वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सीएम कमलनाथ के करीबियों के घर से कैश, दस्तावेज और अघोषित संपत्ति आईडी डिपार्टमेंट ने बरामद किए हैं. कमलथान सहयोग करने की बजाय आयकर विभाग की कार्रवाई में दखल दे रहे हैं. आयकर विभाग अपना काम कर रही है. यह उनका संवैधानिक कार्य है. वहीं सीआरपीएफ के जवान भी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. ममता बनर्जी ने जो बंगाल में किया था, वही कमलनाथ अब मध्य प्रदेश में दोहरा रहे हैं. सीआरपीएफ के जवानों को रोक रहे हैं.

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