नई दिल्ली: आयकर विभाग ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए उन्हें 30 दिन के अंदर 25 करोड़ रूपये जमा करने का आदेश दिया है. इनकम टैक्स ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर साल 2010-11 के दौरान इनकम टैक्स रिटर्न में 42 करोड़ रूपये छुपाने का आरोप लगाया है.

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार के चार सालों के कार्यकाल के दौरान रॉबर्ट वाड्रा पर ये अबतक का सबसे बड़ा एक्शन है. आयकर विभाग ने नोटिस जारी कर वाड्रा को 30 दिन के भीतर 25 करोड़ रूपये जमा करने का आदेश दिया है. रिपब्लिक टीवी पर चली खबर के मुताबिक ये मामला स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से जुड़ा हुआ है जिसमें रॉबर्ट वाड्रा के पास 99 फीसदी का मालिकाना हक है. रॉबर्ट वाड्रा ने इससे पहले इनकम टैक्स के नोटिस को हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि उनकी कंपनी लायबिलिटी पार्टनरशिप में थी, जबकि इनकम टैक्स के नोटिस में इसे प्राइवेट लिमिटेड पार्टनरशिप बताया गया है.

पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए कानून के तहत जयप्रकाश बागरवा और अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था. खबर थी कि अशोक कुमार स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के महेश नागर का करीबी है. पिछले साल अशोक कुमार और महेश नागर के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.

जांच एजेंसियों का आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी फर्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने नागर का इस्तेमाल कर बीकानेर में 275 बीघा जमीन खरीदी है. ईडी ने इस संबंध में 2015 में मामला दर्ज किया था. जांच में सामने आया कि रॉबर्ट वाड्रा की तरफ से जमीन खरीदने की अथॉरिटी महेश नागर के पास थी जबकि दूसरी पार्टी की तरफ से अथॉरिटी अशोक कुमार के पास थी.

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