नई दिल्ली: रेडियो, टीवी, होर्डिंग, पोस्टर और ना जाने कहां-कहां आपने कंपनियों के तेज इंटरनेट वाले विज्ञापन देखे होंगे. हर कंपनी का यही दावा होता है कि उनका इंटरनेट सबसे तेज है. कस्टमर को 4जी स्पीड देने का वादा किया जाता है. लोग भी इसी उम्मीद से 4जी सपोर्ट करने वाला स्मार्टफोन खरीदते हैं कि शायद उसमें इंटरनेट अच्छा चले लेकिन विज्ञापन से उलट हमारे देश में इंटरनेट स्पीड की हालत इतनी खराब है कि हम पाकिस्तान से भी पीछे हैं.

जी हां, एक तरफ जहां भारतीय कंपनियां 5जी का ट्रायल करने की बात कर रही है वहीं स्पीड टेस्ट प्लेटफॉर्म उकला ने भारत में 4जी स्पीड का सच अपनी रिपोर्ट के जरिए सामने रख दिया है. इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 4जी इस्तेमाल करते हुए औसतन इंटरनेट की स्पीड 6.1 एमबीपीएस आती है जो ग्लोबल एवरेज स्पीड 17 एमबीपीएस से काफी पीछे है. भारत दुनिया के 124 देशों की लिस्ट में शामिल हैं जहां 4जी इंटरनेट की स्पीड स्लो है.

4जी की स्लो स्पीड के मामले में शामिल 124 देशों में भारत का नंबर 109 है. 4जी स्पीड पर डाउनलोड स्पीड के मामले में हम पाकिस्तान, म्यांमार और श्रीलंका जैसे देशों से भी पीछे हैं. पाकिस्तान में 4जी की औसतन स्पीड 13.56 एमबीपीएस है जबकि म्यांमार में 15.56 एमबीपीएस और श्रीलंका में 19.95 एमबीपीएस है.

जबकि भारत में 4जी इस्तेमाल करते हुए औसतन स्पीड 9.12 एमबीपीएस है. उकला की रिपोर्ट कहती है कि भारत में तेजी से बढ़ते हुए इंटरनेट उपभोक्ताओं की वजह से औसतन स्पीड कम होने की एक वजह हो सकती है.

सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल रंजन मेथ्यूज ने कहा कि स्पेक्ट्रम एलोकेशन भी भारत में 4जी स्पीड कम होने की एक वजह है. उन्होंने कहा कि दूसरे मुल्कों के मुताबिक भारत में मोबाइल ऑपेटरों को कम स्पेक्ट्रम मिलता है जिससे प्रति उपभोक्ता को कम स्पेक्ट्रम मिलता है.

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