लखनऊ. हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की शुक्रवार दोपहर गला काट कर बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस मामले में बिजनौर के दो मौलानाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. साथ ही इस मर्डर केस की जांच के लिए स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम, एसआईटी गठित की गई है. कमलेश तिवारी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक अभियान भी चला रखा था. सुप्रीम कोर्ट में हुई अयोध्या मामले पर सुनवाई के दौरान कमलेश तिवारी हिंदू महासभा की ओर से पक्षकार रहे थे. कमलेश तिवारी की पत्नी ने पुलिस में बिजनौर के दो मौलानाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. तिवारी ने तीन साल पहले पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा था. वहीं बिजनौर के मुस्लिम समुदाय ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वाले को 51 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की थी.

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे लखनऊ के खुर्शीद बाग स्थित हिंदू समाज पार्टी के कार्यालय में दो लोग आए थे. तिवारी के साथ उन्होंने करीब आधे घंटे तक चाय पी. उनके पास चाकू और तमंचे भी थे जिनको उन्होंने मिठाई के डिब्बे में छिपाकर रखा था. मौका देखकर आरोपियों ने पार्टी अध्यक्ष तिवारी का गला रेत दिया और बुरी तरह से जख्मी कर दिया. उन्होंने तमंचे से मुंह पर गोली भी चलाई. 

घटना को अंजाम देकर बदमाश मौके से फरार हो गए. पार्टी कार्यालय में मौजूद अन्य लोगों कमलेश तिवारी को जख्मी हालत में अस्पताल पहुंचाया. जहां ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने कमलेश तिवारी को मृत घोषित कर दिया.

कमलेश तिवारी मर्डर केस की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है. एसआईटी में लखनऊ के आईजी एसके भगत, लखनऊ क्राइम एसपी दिनेश पुरी और स्पेशल टास्क फोर्स के डिप्टी एसपी पीके मिश्रा शामिल हैं. इससे पहले पुलिस जांच में बताया गया कि सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक हत्यारे दो थे और उन्होंने भगवा कपड़े पहन रखे थे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधान सचिव (गृह) और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) से कमलेश तिवारी हत्या मामले में रिपोर्ट मांगी है. डीजीपी ने कहा है कि हत्यारों ने चाकू से वार कर कमलेश तिवारी के सिर पर गोली भी मारी. 

केंद्रीय रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने यूपी डीजीपी और लखनऊ डीएम से फोन पर बात की. उन्होंने कमलेश तिवारी मर्डर केस में तुरंत कड़ी कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं. 
वहीं सोशल मीडिया पर कमलेश तिवारी की हत्या के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क उठा है. लोग इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल से देख रहे हैं. दरअसल मृतक तिवारी कट्टर हिंदूवादी नेता थे और अपने भड़काऊ बयानों से अक्सर चर्चा में रहते थे. लोगों का कहना है कि मुस्लिमों ने कमलेश तिवारी की हत्या कराई है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि हत्यारे मृतक के परिचित थे, ये आपसी रंजिश का मामला हो सकता है. 
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