नई दिल्ली. Pakistan Economy पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आखिकार ये स्वीकार किया कि उनके पास देश चलाने के लिए पैसे नहीं बचे है. पाकिस्तान फेडरल बोर्ड ऑफ रिवेन्यू के पहले ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि देश चलाने के लिए पर्याप्त पैसा ना होना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसकी वजह से उधार लेना पड़ता है. इमरान ने पैसों की तंगी की वजह टैक्स में कमी और अंतराष्ट्रीय कर्ज का बढ़ना बताया।

Imran ने UK का दिया उदाहरण
इमरान ने संबोधन में उदाहरण देते हुए बताया कि पाकिस्तान से 50 गुना ज्यादा आय वाले ब्रिटेन के विदेश मंत्री 5 घंटे से कम की विदेश यात्रा के लिए इकॉनमी क्लास की सीट बुक करते है. जबकि पाकिस्तान के पूर्व मंत्रियों ने पाकिस्तान का पैसा खूब खर्च किया है. पाकिस्तान की स्थिति जो आज है, उसमें पिछली सरकार का दोष है. उन्होंने बताया की पाकिस्तान में मौजूद लोग टैक्स नहीं देते है और यह परंपरा पुराने काल से चली आ रही है. लोगो के टैक्स ना भरने की वजह से राजकीय कोष में कमी आती है और हमे कर्ज लेना पड़ता है. आपको बता दें पाकिस्तान में अगले 2 महीनो के अंदर टैक्स और जरुरी सामानो के रेट बढ़ सकते है. वित्त मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार शौकत तारिन ने बताया की बहुत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों आने वाली है, आने वाले समय में पाकिस्तान में बिजली की दरें भी बढ़ सकती है.

टीटीएस को फिर से शुरू करना चाहते है इमरान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बताया कि लोगो ये समझना होगा कि यदि सभी टैक्स भरे तो पाकिस्तान जल्द ही वर्तमान स्थिति से उबर सकता है. इमरान खान ने टैक्स कलेक्शन के लिए एफबीआर की तारीफ भी की और कहा कि सरकार ने इस साल 8 ट्रिलियन रुपयों का टैक्स टारगेट रखा है. इमरान ने ये भी कहा कि वे टीटीएस को भी लॉन्च करना चाहते हैं जो साल 2008 से ही अटका हुआ है. टीटीएस के तहत बिना स्टांप और व्यक्तिगत पहचान चिह्न के फैक्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से चीन का कोई भी समान नहीं निकाला जाएगा।

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