नई दिल्ली. श्रद्धालुओं के लिए हाई कोर्ट ने एक राहत भरी खबर दी है. अब श्रद्धालु चार धाम यात्रा कर पाएंगे. हाई कोर्ट ने चारधाम की यात्रा पर लगाई गई रोक को हटाते हुए यह फैसला दिया कि अब बिना रोक-टोक के श्रद्धालु चार धाम की यात्रा कर पाएंगे. यह फैसला टूरिस्म सेक्टर में बढ़ती बेरोज़गारी को देखते हुए लिया गया है.

कोविड दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन

मंगलवार को चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाए जाने के लिए दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी, लेकिन वर्तमान समय मे प्रदेश में कोविड के केस ना के बराबर आ रहे हैं, इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाए.

लोगों की रोज़ी-रोटी पर पड़ा गहरा असर – महाधिवक्ता

इस दौरान महाधिवक्ता ने चारधाम यात्रा में लोगों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए यह दलील दी कि देश भर में कोविड के मामले अब न के बराबर है और चारधाम की यात्रा खत्म होने में अब महज़ 40 दिन बचे हैं, और चारधाम की यात्रा में लोगों की संख्या निर्धारित होने की वजह से बहुत कम लोग दर्शन आ रहे हैं जिससे स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर गहरा असर पड़ रहा है. जिसके बाद कोर्ट ने चारधाम की यात्रा में प्रतिबंध के साथ यात्रियों की निर्धारित से अधिक को जाने व दर्शन करने पर लगी रोक को हटा दी है.

 

यह भी पढ़ें :

Lars Vilks accident : कार्टूनिस्ट लार्स विल्क्स की एक्सिडेंट में मौत, जानिए पुलिस का क्या है कहना

Animals Also Have the Right to Live like Humans जानवरों को भी इंसान की ही तरह जीने का हक

 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर