हाथरस: गैंगरेप की शिकार 19 वर्षीय दलित युवती की मौत के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है. प्रियंका गांधी और राहुल गांधी हाथरस के लिए रवाना हो गए हैं. उनके काफिले को डीएनडी पर रोका गया जिसके बाद दोनों नेता पैदल ही हाथरस के लिए निकल पड़े हैं. गौरतलब है कि मंगलवार देर रात पीड़िता का पुलिस ने कथित तौर पर अंतिम संस्कार कर दिया था.  पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस मौजूद है और गांव में मीडिया को रोकने के आदेश जारी हो चुके हैं. गौरतलब है कि गांव के ही 4 दबंगों ने युवती के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. जिसके बाद करीब 15 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद युवती ने दम तोड़ दिया. युवती का शव बुधवार मध्यरात्रि के आसपास बुलगढ़ी गांव पहुंचा और सुबह 3 बजे अंतिम संस्कार किया गया. इस मामले में मृतका के घर वालों का कहना है कि उनकी अनुमति के बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

हाथरस के डीएम की सफाई
घर वालों के अनुमति के बिना अंतिम संस्कार के मामले पर डीएम ने अपनी सफाई दी है. डीएम ने कहा कि परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार किए जाने का आरोप गलत है. डीएम का कहना है कि पिता और भाई ने रात में अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी सहमति दी. अंतिम संस्कार के समय परिवार के सदस्य भी मौजूद थे.

परिजनों का जबरन दाह संस्कार का आरोप
जबकि दूसरी तरफ पीड़िता के भाई ने बताया कि पुलिस ने जबरन शव को ले लिया और पिता को दाह संस्कार के लिए साथ ले गए. पीड़िता के भाई ने कहा कि जब मेरे पिता हाथरस पहुंचे उन्हें तुरंत श्मशान ले जाया गया. हमने पुलिस को बताया कि हम सुबह अंतिम संस्कार करेंगे, लेकिन वे जल्दबाजी में थे. पुलिस वालों ने हमें ऐसा करने के लिए मजबूर किया. पुलिस वालों ने कहा कि 24 घंटे हो गए हैं और शव खराब हो रहा है. पीड़िता के भाई ने आगे बताया कि हम अंतिम संस्कार सुबह करना चाहते थे क्योंकि तब तक रिश्तेदार आ चुके होते.

रेप का मामला नहीं- हाथरस डीएम
आपको बताते चलें कि हाथरस के डीएम इससे पहले भी अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहे. बीते दिनों जिलाधिकारी ने बताया कि AMU मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई. न ही जीभ काटी थी. शरीर पर 4 जगह चोट थी. रीढ़ की हड्डी टूटी हुई थी. डीएम ने आगे दलील दी कि जीभ इसलिए कटी क्योंकि अगर गला दबाया जाता है तो जीभ बाहर आ जाती है, तब दांत के बीच में आने से कटी होगी.

‘लोग प्रशासन पर कर रहे सवाल’
इस गैंगरेप को लेकर देश भर में लोगों में आक्रोश है. सोशल मीडिया पर लोग हाथरस के डीएम को आड़े हाथों ले रहे हैं. लोगों का कहना है कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि शव का दाह संस्कार रात में 3 बजे करना पड़ा. जबकि जिलाधिकारी का कहना है कि अंतिम संस्कार परिजनों की मर्जी से की गई. वहीं, दूसरी तरफ परिजनों ने जल्दबाजी में तड़के 3 बजे दाह संस्कार की बात कही. आपको बताते चलें कि हाथरस के जिलाधिकारी इससे पहले भी पीड़िता के आर्थिक सहायता राशि की दलील देकर लोगों की आलोचना का शिकार हो चुके हैं.

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