2019 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी और कांग्रेस के 2019 चुनावी अभियान में हार्वर्ड के प्रोफेसर स्टीव और चुनाव रणनीतिकार जार्डिंग प्रचार अभियान में भावनात्मक तत्वों को मिलाकर पार्टी को भारी जीत दिला सकते हैं लेकि अगर उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से अंतिम अनुमति मिल जाती है तो. ये कहना है मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सलाहकार रजत सेठी का जो प्रोफेसर स्टीव के पूर्व छात्र रहे हैं. लेकिन यदि सूत्रों की माने तो स्टीव जल्द ही भारत आकर अपना डेरा जमाएंगे. क्योंकि राहुल गांधी ने अपने यूरोपियन देशों की यात्रा के दौरान स्टीव से मुलाकात की थी और सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और स्टीव के बीच जल्द ही लोकसभा चुनावों के प्रचार अभियान को लेकर एग्रीमेंट साइन होने वाला है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2014 के लोकसभा चुनावों में महज 44 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस 2019 लोकसभा चुनावों के लिए किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती और जीत पाने के लिए सभी दावंपेंच आजमाना चाहती है जिसके चलते कांग्रेस हार्वर्ड के प्रोफेसर और चुनाव रणनीतिकार स्टीव जार्डिंग को राहुल गांधी और कांग्रेस के चुनाव प्रचार में इमोशनल टच देने के लिए जल्द भारत बुलाने वाली है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस महीने स्टीव भारत आएंगे जहां वो कांग्रेस के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे और सितंबर में ही उनकी टीम राहुल गांधी के लिए रणनीति और कांग्रेस के लिए प्रचार शुरु कर देगी. इस प्रचार में स्टीव की टीम उन लोकसभा सीटों पर सबसे पहले फोकस करेगी जहां कांग्रेस की दावेदारी मजबूत है या बहुत कम मार्जन से उनको हार मिली है. स्टीव मुख्य रूप से इस बात पर काम करेंगे की लोगों को भावनात्मक रूप से कैसे कांग्रेस की तरफ झुकाया जाए.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी दोबारा सत्ता में लाने के लिए मशहूर हुए चुनावी रणनीतिकार स्टीव जार्डिंग को हायर किया था. और इससे पहले स्टीव अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के दौरान हिलेरी क्लिंटन का भी चुनाव प्रचार मैनेज कर चुके हैं. जिसके किए हुए कामों को देखकर ही अखिलेश यादव ने स्टीव को दोबारा अपनी पार्टी के लिए रणनीति तैयार करने का मौका दिया था. जो इस बार स्टीव को कांग्रेस की तरफ से मिलने जा रहा है.

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