हनुमान चालीसा विवाद:

मुंबई।  हनुमान चालीसा विवाद को लेकर 13 दिन जेल में रहने वाली अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा को आज मुंबई के लीलावती अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. अस्पताल से बाहर निकलते वक्त उन्होंने अपने हाथ में हनुमान चालीसा ले रखा था. अस्पताल से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए नवनीत ने कहा कि अगर हनुमान चालीसा पाठ के लिए मुझे 14 दिन के जगह 14 साल भी जेल में रहना पड़े तो भी मैं तैयार हूं।

मेरे खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं उद्धव ठाकरे

लोकसभा सांसद नवनीत राणा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र में किसी भी सीट से मेरे खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं. महाराष्ट्र की जनता उनको सबक सिखा देगी. उन्होंने कहा कि जनता उद्धव ठाकरे को बताएगी कि भगवान राम और हनुमान का नाम लेने वालों को परेशानी देने का क्या परिणाम होता है।

कभी पता नहीं चलता महाराष्ट्र में कोई मुख्यमंत्री है- नवनीत

नवनीत राणा ने आगे कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार हम पर पर दबाव बनाने के लिए कार्रवाई कर रही हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कभी किसी से नहीं मिलते है. वे राज्य का दौरा भी नहीं करते है. मंत्रालय में नहीं दिखाई देते है. हमें कभी पता ही नहीं चलता कि महाराष्ट्र में कोई मुख्यमंत्री है. हम इसे लेकर एक से दो दिन में दिल्ली को रिपोर्ट देंगे।

मातोश्री में हनुमान चालीसा पाठ को लेकर हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि लोकसभा सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को 23 अप्रैल को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया था. राणा दंपति ने ऐलान किया था कि वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा का पढ़ेंगे. इसके बाद 5 मई को 13 दिन जेल में गुजारने के बाद उन्हें रिहाई मिली थी।

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