रोहतक. डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर पंचकूला में सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दिया है, इसके साथ ही तीन अन्य आरोपी किशनलाल, निर्मल और कुलदीप को भी दोषी करार दिया है. इस केस की सजा कोर्ट 17 जनवरी को सुनाएगा. बता दें कि साल 2002 में 24 अक्टूबर को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति पर हमला हुआ था और 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी.

बता दें कि साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या हुई थी, इस हत्या के पीछे गुरमीत राम रहीम का हाथ बताया जा रहा है. क्योंकि वह डेरे में होने वाले गलत कामों का खुलासा करते थे और इस मामले में 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. इसके बाद गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना गया था. इसके बाद आज 11 जनवरी को इस मामले पर फैसला आना है.

सीबीआई कोर्ट ने इस हत्या से जुड़े आरोपी गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं. वहीं कोर्ट के जज जगदीप सिंह इस मामले का फैसला सुनाएंगे, जगदीप सिंह वही जज हैं जिन्होंने रामरहीम को साध्वी यौन शोषण के आरोप में सजा सुनाई थी. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के चश्मदीद उनके बेटे अंशुल और अदिरमन हैं.

आपको बता दें कि सीबीआई कोर्ट ने ही राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी. जब राम रहीम को सजा सुनाई गई थी तो हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी. यह हिंसा इतनी बड़ी थी कि इसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल भी हुए थे.

Gurmeet Ram Rahim Verdict, Highlights:

Highlights

राम रहीम पत्रकार की हत्या के मामले में दोषी, 17 जनवरी को सुनाई जाएगी सजा

पंचकूला में सीबीआई कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार कर दिया है. कोर्ट राम रहीम को 17 जनवरी को सजा सुनाएगा.

गुरमीत राम रहीम हुआ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश

पत्रकार रामचंद्र की हत्या का फैसला हो जाएगा, इस केस की सुनवाई लंच के बाद शुरु हो गई है. वहीं गुरमीत राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पेश हो गया है और तीन अन्य आरोपी किशनलाल, निर्मल और कुलदीप प्रत्यक्ष रुप से पेश हो गए हैं.

पुलिस और कमांडो बल है पूरी तरह से तैयार

अब कुछ ही देर में डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर लगे पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के आरोप का फैसला आना है. इस फैसले से कहीं फिर शहर में आगजनी ना हो इसके लिए पुलिस बल औऱ प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है. कानून व्यवस्था को बनाने के लिए पुलिस लोगों से अपील भी कर चुकी है कि किसी भी तरह की घटना को अंजाम ना दें.

यूपी-राजस्थान में भी डेरा समर्थकों ने किया था हंगामा

राम रहीम के 20 साल की सजा के फैसले के बाद डेरा समर्थकों ने हरियाणा और पंजाब ही नहीं राजस्थान और यूपी में भी हिंसा की थी. राम रहीम की सजा के फैसले से डेरा समर्थक इतने गुस्सा थे कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बस को भी आग के हवाले कर दिया था. वहीं यह हिंसा राजस्थान में भी देखने को मिली थी यहां पर गंगानगर में एक बस को आग लगा दी थी.

24 अक्टूबर 2002 को हुआ था हमला

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के काले धंधों और गलत कामों को एक अखबार के जरिए जनता के सामने दिखाया था. इसके बाद साल 2002 में 24 अक्टूबर को उन पर दो बाइक सवारों ने गोलियां चलाई जिसके बाद 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. हालांकि बाद में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के इन खबरों की वजह से ही गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई है.

परिवार वालों ने कराया था मुकदमा दर्ज

जहां लोग हरियाणा और पंजाब में डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के समर्थक थे इसलिए किसी ने इस हत्या के बारे में कुछ नहीं वोला था. वहीं पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के चश्मदीद उनके बेटे अंशुल और अदिरमन हैं और परिवार वालों ने गुरमीत राम रहीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. जब इस मामले को सीबीआई को सौंपा गया और सीबीआई ने साल 2007 में चार्जशीट दाखिल कर दी थी.

विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया जाएगा फैसला

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या की साजिश करने का आरोप है. आज शुक्रवार को पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाएगी. वहीं जेल में बंद गुरमीत राम रहीम की भी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही होगी. इस फैसले को लेकर शहर में प्रशासन सतर्क है.

साध्वी यौन शोषण केस में हुए फैसले पर भड़की थी हिंसा

साल 2017 में गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण केस में 20 साल की सजा सुनाई थी. इस फैसले के आने के बाद राम रहीम के समर्थकों ने हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में दंगा शुरु कर दिया था. इस हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी कई लोग घायल हुए थे. इसके साथ ही लाखों रुपयों का सामान राख हो गया था, कई गाडियां भी जलकर राख हुई थीं.

16 साल बाद होगा इंसाफ

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के चश्मदीद उनके बेटे अंशुल और अदिरमन हैं. उनका कहना है कि 16 साल बाद उन्हें इंसाफ मिलेगा. आज सीबीआई की स्पेशल कोर्ट इस मामले में आरोपी राम रहीम को सजा सुनाएगी. राम रहीम के डेरे में चल रहे यौन शोषण के खिलाफ पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने लिखा था. कहा गया कि उन्होंने डेरा में हो रहे गलत काम का खुलासा किया जिस कारण राम रहीम ने साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी.

घोड़ा पुलिस का भी किया है इंतजाम

साध्वियों से दुष्‍कर्म के मामले में ही गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल में 20 वर्ष कैद की सजा काट रहा है. आज राम रहीम के उपर पत्रकार की हत्या का आरोप का फैसला आना है. इस फैसले को लेकर शहर में जगह-जगह चैंकिग हो रही है और दंगा करने वालों से निपटने के लिए प्रशासन ने घोड़ा पुलिस के भी इंतजाम किए हैं. रोहतक की सुनारिया जेल के आस-पास कुल आठ नाके बनाए गए हैं, जहां पर छह पुलिसकर्मी चैकिंग के लिए भी तैनात हैं.

समाचार पत्र 'पूरा सच' में हुआ था राम रहीम के डेरे का भंडाफोड

आज 11 जनवरी को जिस मामले में राम रहीम की सुनवाई हो रही है, उस मामले का समाचार पत्र 'पूरा सच' से बड़ा संबध है. क्योंकि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने इस समाचार पत्र में ही डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के काले कारनामों का खुलासा किया था. समाचार पत्र 'पूरा सच' शाम को निकलता है, इस पत्र में निकाली गई खबर से ही गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल में 20 वर्ष कैद की सजा काट रहा है.

लाइसेंसी रिवाल्‍वर से हुई थी पत्रकार की हत्या

साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हुई हत्या बाइक सवार कुलदीप ने दिनदिहाड़े सिरसा में बीच सड़क पर गोली मारकर की थी. बाइक पर उसके साथ निर्मल भी थी और जिस रिवल्वर से पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या हुई थी वह लाइसेंसी थी. हत्यारे कुलदीप और निर्मल को मौके पर ही पकड़ लिया था. 11 जनवरी को आने वाले राम रहीम के फैसले को लेकर सभी जगह सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं.

पंजाब में भी हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

गुरमीत राम रहीम के फैसले को लेकर हरियाणा ही नहीं पंजाब में भी सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट है. सुरक्षा को देखते हुए बठिंडा और मानसा जिले में करीब 15 कंपनियों के 1200 जवान तैनात किए गए हैं.इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम.

इन लोगों के साथ मिलकर रची थी पत्रकार की हत्या की साजिश

डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का आरोप है कि उन्होंने किशनलाल, निर्मल और कुलदीप के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी.

ड्रोन से भी रहेगी निगरानी: संदीप खिरवार (आईजी रोहतक)

रोहतक के आईजी संदीप खिरवार ने बताया कि हमारे पास जेल के आसपास 2 तरह की सुरक्षा है, जिसमें पहले तो 500 पुलिस कर्मी हैं और दूसरे हवाई ड्रोन भी तैनात किए गए हैं. मैं सभी लोगों से अनुरोध करूंगा कि वे शांत रहें और हम भी यही कोशिश करेंगे को लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.

2002 में हुई थी पत्रकार रामचंद्र की हत्या

साल 2002 में 21 नवंबर को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति मौत हो गई थी.इस केस में सीबीआई ने 46 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे.

कोर्ट के पास हैं 500 पुलिसकर्मी तैनात

डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर आने वाले फैसले को लेकर डीसीपी पंचकूला कमलदीप गोयल ने बताया कि शहर में पुलिस बल फैला हुआ है और कोर्ट के परिसर के आसपास लगभग 500 कर्मी तैनात हैं, इसके साथ ही जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग लगाई गई हैं.

राम रहीम के फैसले को लेकर रोहतक हुआ छावनी में तब्दील

16 साल पहले हुई पत्रकार की हत्या में बाबा राम रहीम पर आज फैसला सुनाया जाएगा. इसे फैसले को लेकर रोहतक में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया है.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App