नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2002 में गोधरा कांड के बाद भड़के सांप्रदायिक दंगों से जुड़े मामलों में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों को मिली क्लीन चिट के खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका पर जुलाई तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है. जाकिया जाफरी गुजरात दंगों के दौरान मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी है. एहसान जाफरी अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में 28 फरवरी 2002 को हिंसक भीड़ द्वारा मारे गए 68 लोगों में शामिल थे. मालूम हो कि इस मामले की पिछले महीने भी सुनवाई हुई थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 11 फरवरी की तारीख मुकर्रर की थी. जकिया जाफरी ने गुजरात दंगों को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) के फैसले के खिलाफ उनकी याचिका खारिज करने के गुजरात हाई कोर्ट के 5 अक्टूबर 2017 के आदेश को चुनौती दी है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि जकिया की याचिका में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के सह याचिकाकर्ता बनने की अर्जी पर मुख्य मामले की सुनवाई से पहले वह गौर करेगा.

  1. मालूम हो कि एसआईटी ने 8 फरवरी 2012 को गुजरात दंगों से जुड़े मामले को बंद करने की रिपोर्ट दाखिल की थी. इस रिपोर्ट में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी और सीनियर अधिकारियों समेत 63 अन्य लोगों को क्लीन चिट देते हुए कहा गया था कि इनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं.
  2. जकिया जाफरी की याचिका में यह भी कहा गया है कि एसआईटी ने दंगों के जुड़ा मामला बंद करने के लिए लोअर कोर्ट में दायर अपनी रिपोर्ट में इन लोगों को क्लीन चिट दी है.

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