Gujarat Electric Vehicle Policy 2021 : गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार को ‘गुजरात इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2021’ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस नीति का लक्ष्य अगले चार साल के दौरान राज्य की सड़कों पर कम से कम दो लाख बिजली से चलने वाले वाहनों को लाना है। इस नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों को घटाने के लिये सब्सिडी बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

गुजरात की ई-वाहन नीति की मुख्य विशेषताएं

आने वाले 4 वर्षों में राज्य में ई-वाहनों के उपयोग में वृद्धि
गुजरात को ई-वाहनों और उससे संबंधित विभिन्न सामग्रियों का हब बनाएं
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में युवा स्टार्टअप और निवेशकों को प्रोत्साहित करें
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करें और पर्यावरण को सुरक्षित रखें
वर्तमान में राज्य में ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए 278 चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं। नए 250 चार्जिंग स्टेशनों के लिए बुनियादी ढांचा, जो कुल संख्या 528 . तक ले जाता है
पेट्रोल पंपों को दी जाएगी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की मंजूरी
आवास और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे पर आने वाली चार्जिंग सुविधाएं
गुजरात आरटीओ में पंजीकृत ई-वाहन को पंजीकरण शुल्क से मिलेगी छूट, चार साल के भीतर 5 करोड़ रुपये के ईंधन की होगी बचत
कम से कम 6 लाख टन CO2 उत्सर्जन कम होगा
रुपये तक की सब्सिडी दो पहिया वाहनों के लिए 20 हजार, तिपहिया के लिए 50 हजार और चौपहिया के लिए 1.5 लाख तक सीधे डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में जमा किए जाएंगे।
गुजरात ई-वाहन के लिए किसी भी अन्य राज्य की तुलना में प्रति किलोवाट की दर से दोगुना सब्सिडी देगा
गुजरात सरकार ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार की फेम -2 योजना से लाभ के साथ-साथ ई-वाहन खरीददारों को प्रोत्साहित करेगी और सब्सिडी देगी।

लक्ष्य में शामिल हैं: आने वाले चार वर्षों में राज्य में ई-वाहनों के उपयोग में वृद्धि, गुजरात को ई-वाहनों और इससे संबंधित विभिन्न सामग्रियों का केंद्र बनाना, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में युवा स्टार्टअप और निवेशकों को प्रोत्साहित करना।

ये होगा फायदा

रुपाणी ने कहा कि एक मोटे अनुमान के अनुसार इससे हर साल पांच करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। साथ ही सालाना आधार पर कॉर्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन छह लाख टन घटेगा। वहीं हाल ही में सरकार के द्वारा फेम-2 योजना में बदलाव से इलेक्ट्रिक स्कूटरों में छूट बढ़ गयी है, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमतों में काफी कटौती देखने को मिली है। फिक्की जैसे उद्योग संगठनों का मानना है कि कीमतों में कटौती से इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग में बढ़त देखने को मिलेगी। सरकार कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जोर देने की योजना पर काम कर रहा है।

Mizoram Minister Children Controversy: मिजोरम के मंत्री रॉबर्ट रोमाविया का ऐलान- ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले अभिभावक को मिलेगी 1 लाख की प्रोत्साहन राशि

Rahul Gandhi Released White Paper : व्हाइट पेपर का मकसद लोगों की मदद करना, तीसरी लहर के लिए सरकार रहे तैयार- राहुल गांधी

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर