नई दिल्ली: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी काउंसिल में अहम फैसला किया गया है जिसके मुताबिक अब होटला में कमरा लेने के बदले जो 28 फीसदी टैक्स सरकार को देना पड़ता था उसे घटाकर 0-18 फीसदी कर दिया गया है. 0-18 के बीच कितना टैक्स लेना है ये रूम के किराए पर निर्भर करेगा. अगर आपके रूम का किराया 7500 रुपये से ज्यादा है तो आपको 18 फीसदी टैक्स देना होगा जो पहले 28 फीसदी देना होता था. उसी तरह अगर आपके होटल के कमरे का किराया 1000 से 7500 के बीच है तो आपको 12 फीसदी जीएसटी देना होगा. वहीं जो होटल कमरे का किराया 1000 से भी कम लेते हैं उन्हें किसी तरह का जीएसटी नहीं देना होगा.

उसी तरह आउटडोर केटरिंग में अगर आप 7500 रुपये या उससे ज्यादा प्रतिदिन के हिसाब से चार्ज करते हैं तो आपको 5 फीसदी जीएसटी देना होगा जो पहले 18 फीसदी हुआ करता था. वहीं इनडोर केटरिंग के लिए 18 फीसदी ही जीएसटी देना होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि जिन पेय पदार्थों में कैफिन की मात्रा होगी उनपर टैक्स 18 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी लिया जाएगा. इसके अलावा इन पेय पदार्थों पर 12 फीसदी अतिरिक्त सेस भी लगेगा.

गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से लोगों को संबोधित करते हुए अनुरोध किया था कि वो 2022 तक कम से कम 15 पर्यटन स्थलों पर जाएं और भारत की भिन्न-भिन्न संस्कृतियों को देखें और बच्चों को भी दिखाएं. यही कारण है कि जीएसटी काउंसिल ने होटलों पर टैक्स कम करने का फैसला किया है ताकि पर्यटक ज्यादा से ज्यादा घूमने फिरने के लिए प्रेरित हों. होलट इंडस्ट्र के लिए भी ये बड़ी राहत की खबर है क्योंकि जीएसटी घटने के बाद से होटल सस्ते हों जाएंगे और लोग ज्यादा से ज्यादा घूमने के लिए प्रेरित होंगे.

NEXA IIFA 2019 Rehearsal: मुंबई में नेक्सा आइफा 2019 की कल से शुरू होगी रिहर्सल, 18 सितंबर को मनाया जाएगा भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा जश्न

IRCTC ने जारी किया ग्रीन सिक्किम-चारधाम टूर पैकेज, 06 दिन में ले पूर्वोत्तर भारत के इन शहरों का मजा

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App